Pehowa News: स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में पिहोवा में निकली भव्य सद्भावना यात्रा

स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में पिहोवा में निकली भव्य सद्भावना यात्रा
Pehowa News: (अभिषेक पूर्णिमा) धर्मनगरी पिहोवा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। पावन सरस्वती नदी के तट पर आयोजित भव्य सत्संग समारोह में महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने प्रवचनों की अमृतवर्षा से उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का अवतरण केवल किसी एक वर्ग या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण और उत्थान का संदेश है। उन्होंने कहा, “श्री कृष्ण का जीवन अंधकार से प्रकाश, अधर्म से धर्म और तनाव से परम आनंद की ओर ले जाने वाली दिव्य प्रेरणा है। श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि आज के तनावग्रस्त युग में पूरी दुनिया के लिए सही राह दिखाने वाला एक जीवंत दर्शन है।”
सरस्वती मंदिर में टेका शीश, तत्पश्चात रवाना हुई सद्भावना यात्रा
सत्संग से पूर्व गीता मनीषी ने ऐतिहासिक मां सरस्वती मंदिर में शीश नवाकर विश्व कल्याण की कामना की। इसके बाद उनके सानिध्य में मां सरस्वती तट से एक विशाल ‘सद्भावना यात्रा’ का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई श्री कृष्ण कृपा मंदिर की ओर बढ़ी।
यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं और नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर इसका अभूतपूर्व स्वागत किया। अलग-अलग विचारधाराओं और सनातन परंपराओं से जुड़े संगठनों ने एक मंच पर आकर सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल पेश की।
आकर्षक झांकियों और स्वच्छता संदेश ने जीता दिल
सद्भावना यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की गूंज के बीच श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर वाचन किया गया। यात्रा में शामिल भगवान श्री कृष्ण के बालरूप, गोचारण और रासलीला की मनमोहक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया।
विशेष बात यह रही कि धार्मिक उल्लास के साथ-साथ यात्रा में पर्यावरण संरक्षण और ‘सफाई ही सेवा है’ का सामाजिक संदेश भी दिया गया। श्री कृष्ण कृपा परिवार के स्वयंसेवकों ने यात्रा मार्ग की लगातार सफाई कर व्यावहारिक रूप से स्वच्छता का संदेश दिया।
आधी रात को गूंजा ‘नंद घर आनंद भयो’, माखन-मिश्री का बटा प्रसाद
देर रात सद्भावना यात्रा का समापन श्री कृष्ण कृपा मंदिर में हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने भजनों पर झूमकर अपनी भक्ति व्यक्त की। रात ठीक 12 बजते ही शंखनाद, घड़ियालों की गूंज और ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों के साथ भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं में माखन-मिश्री का पावन प्रसाद वितरित किया गया।
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