Narnaul: एससीईआरटी गुरुग्राम के तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महेंद्रगढ़ में आयोजित गणित प्रवक्ताओं की पांच दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी एवं डाइट प्राचार्य डॉ. विश्वेश्वर कौशिक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें जिले भर के पांचों ब्लॉकों से गणित प्रवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रवक्ताओं ने कार्यशाला के पांचों दिनों में सिखाए गए मॉडल्स की रोचक अंदाज में पुनरावृत्ति की।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईएफआईसी प्रभारी डॉ. आई.सी. शर्मा और सीनियर लेक्चरर नरेश गोयल विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान गणित की कक्षाओं में “हरबंस पजल” के प्रयोग पर विशेष बल दिया गया, ताकि विद्यार्थियों में तर्कशक्ति, चिंतन क्षमता, कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता के साथ-साथ 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों का विकास हो सके, जिससे वे भविष्य में सही दिशा में अपने करियर का चुनाव कर पाएं। उपस्थित शिक्षकों से आग्रह किया गया कि वे इन कौशलों के साथ-साथ प्रशिक्षण में सिखाई गई सभी विधियों को अपनी कक्षाओं में अधिक से अधिक अपनाएं, ताकि गणित विषय को और अधिक रुचिकर व सुगम बनाया जा सके।
आयोजकों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गणित विषय को रोचक बनाना और बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाना है, जिससे विद्यार्थियों की गणितीय प्रतिभा को निखारा जा सके। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के गणित विषय के अधिगम स्तर तथा परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने पर बल दिया गया, क्योंकि गणित को समस्त विषयों का मूल आधार माना जाता है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों द्वारा गणित में की जाने वाली सामान्य त्रुटियों के समाधान पर भी विस्तृत व्याख्यान दिया गया, जिसमें बताया गया कि अध्यापक किस प्रकार सरल तरीकों से इन त्रुटियों का समाधान कर विषय को अधिक रोचक बना सकते हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में तकनीक के प्रभावी उपयोग द्वारा बच्चों को सिखाने हेतु व्याख्यान के साथ-साथ हैंड्स-ऑन अभ्यास भी करवाया गया।
कार्यशाला के पांचवें एवं अंतिम दिन प्रवक्ताओं का पोस्ट-टेस्ट भी लिया गया, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रभाव-अध्ययन (इंपैक्ट स्टडी) की जा सके। शिक्षक दिवस के इस विशेष अवसर पर डॉ. राकेश यादव एवं डॉ. आई.सी. शर्मा ने प्रवक्ताओं को प्रेरित करते हुए विशेष व्याख्यान दिया।
Narnaul: विद्यार्थियों में तर्कशक्ति, चिंतन क्षमता, कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता के साथ-साथ 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों का विकास हो

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