September 6, 2026

Delhi Metro Reel Warning: मेट्रो के शीशे पर मोबाइल चिपकाकर रील बनाने वालों पर DMRC का बड़ा एक्शन, होगी जेल

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Delhi Metro Reel Warning: मेट्रो के शीशे पर मोबाइल चिपकाकर रील बनाने वालों पर DMRC का बड़ा एक्शन, होगी जेल

मेट्रो के शीशे पर मोबाइल चिपकाकर रील बनाने वालों पर DMRC का बड़ा एक्शन, होगी जेल

Delhi Metro Reel Warning: दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो अब सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटरों के नए ‘अड्डे’ में तब्दील होती दिख रही है। लेकिन इस बार रील बनाने के लिए जो तरीका अपनाया जा रहा है, उसने मेट्रो प्रशासन के साथ-साथ आम यात्रियों की सांसें अटका दी हैं।

गुरुग्राम को समयपुर बादली से जोड़ने वाली व्यस्ततम यलो लाइन पर पिछले कुछ दिनों से मेट्रो की खिड़कियों पर मोबाइल चिपकाकर घूमते हुए सिनेमाई शॉट लेने का खतरनाक ट्रेंड चल पड़ा है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सख्त एडवाइजरी जारी कर साफ चेतावनी दी है कि ऐसी हरकत करने वालों को अब सीधे जेल या जुर्माने की हवा खानी पड़ेगी।

जानिए क्या है ‘सक्शन कप रील ट्रेंड’ जो बढ़ा रहा खतरा

दरअसल, इन दिनों इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक नया ‘रील चैलेंज’ तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कंटेंट क्रिएटर मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान बाहर या अंदर के शीशे पर सक्शन कप या टेप की मदद से अपना महंगा स्मार्टफोन चिपका देते हैं। जैसे ही मेट्रो प्लेटफॉर्म से रफ्तार पकड़ती है, फोन शीशे पर ही चिपका रहता है और टनल या प्लेटफॉर्म का एक घूमता हुआ शॉट रिकॉर्ड करता है। इस दौरान क्रिएटर प्लेटफॉर्म पर भागते हुए या अजीबोगरीब डांस करते हुए रील फिल्माते हैं। यलो लाइन के कई स्टेशनों पर ऐसे मामले लगातार सामने आए हैं, जहां रोजाना लाखों कॉरपोरेट कर्मचारी सफर करते हैं।

यात्रियों की जान पर आफत, उपकरण भी हो सकते हैं खराब

डीएमआरसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस तरह के स्टंट से न केवल रील बनाने वाले की जान को खतरा है, बल्कि प्लेटफॉर्म पर खड़े मासूम यात्रियों को भी गंभीर चोट आ सकती है। यदि चलती ट्रेन के कंपन या हवा के दबाव से मोबाइल छूटकर नीचे गिरता है, तो ट्रैक के आसपास तैनात रेलकर्मियों, उपकरणों या यात्रियों के सिर पर लग सकता है। इसके अलावा, कई मामलों में खुद क्रिएटरों के महंगे फोन गिरकर चकनाचूर हो चुके हैं या हमेशा के लिए गायब हो चुके हैं। आम यात्रियों ने भी इस तरह की हरकतों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।

मेट्रो सफर के लिए है, रील और स्टंटबाजी के लिए नहीं: DMRC

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएमआरसी के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मेट्रो सार्वजनिक परिवहन का साधन है, कोई शूटिंग स्टूडियो या स्टंट जोन नहीं। DMRC प्रशासन के अनुसार, जो भी व्यक्ति मेट्रो परिसर, प्लेटफॉर्म या ट्रेन के भीतर इस तरह का जोखिम भरा कृत्य करता हुआ पाया गया, उसके खिलाफ दिल्ली मेट्रो (परिचालन और रखरखाव) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। क्रिएटरों से अपील की गई है कि वे चंद सेकंड की व्यूज और लाइक के चक्कर में अपनी और दूसरों की जिंदगी से खिलवाड़ न करें।

गुरुग्राम कॉरिडोर पर सीआईएसएफ की गश्त तेज, सीसीटीवी से पैनी नजर

चूंकि अब तक सामने आए ज्यादातर मामले गुरुग्राम-समयपुर बादली कॉरिडोर पर देखे गए हैं, इसलिए इस पूरे रूट पर सुरक्षा का घेरा कड़ा कर दिया गया है। प्लेटफॉर्मों पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और मेट्रो सुरक्षाकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऐसे संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जा रही है जो ट्रेन के पास मोबाइल चिपकाने की कोशिश करते दिखें।

साथ ही डीएमआरसी ने जिम्मेदार यात्रियों से भी सहयोग की अपील की है। अगर सफर के दौरान कोई भी सह-यात्री इस तरह का खतरनाक स्टंट करता दिखे, तो तुरंत कोच के भीतर लगे इमरजेंसी इंटरकॉम बटन को दबाकर ट्रेन ऑपरेटर या अगले स्टेशन पर मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों को सूचित करें, ताकि मौके पर ही मनचलों पर नकेल कसी जा सके।

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