Reel vs Reality: ब्रुकलिन ब्रिज घूमने पहुंची भारतीय महिला का छलका दर्द, बोलीं- ‘यह तो ओवरहाइप्ड टूरिस्ट ट्रैप है’

ब्रुकलिन ब्रिज घूमने पहुंची भारतीय महिला का छलका दर्द, बोलीं- 'यह तो ओवरहाइप्ड टूरिस्ट ट्रैप है'
Reel vs Reality: सोशल मीडिया पर अक्सर दिखने वाली खूबसूरत तस्वीरें और चमकदार रील्स किस तरह जमीनी हकीकत से परे होती हैं, इसका ताजा उदाहरण न्यूयॉर्क के विश्व प्रसिद्ध ब्रुकलिन ब्रिज से सामने आया है। वहां घूमने पहुंची नेहा नाम की एक भारतीय महिला पर्यटक का अनुभव इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर हजारों लुभावनी वीडियो देखकर ब्रुकलिन ब्रिज पहुंचीं नेहा को भारी भीड़ और धक्का-मुक्की के कारण इस कदर निराशा हाथ लगी कि उन्होंने इसे केवल ‘जरूरत से ज्यादा प्रचारित पर्यटक जाल’ (ओवरहाइप्ड टूरिस्ट ट्रैप) बता दिया।
हजारों रील्स देखने के बाद पहुंचीं, पर नहीं मिल पाया एक ‘परफेक्ट शॉट’
इंस्टाग्राम पर @n__sees हैंडल से शेयर किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नेहा भीड़ के बीच बेबस होकर ब्रिज के एक कोने में बैठी हुई हैं। जब फोटो और रील्स बनाने के लिए लोगों का हुजूम उन्हें जगह नहीं दे पाया, तो उन्होंने झुंझलाकर हार मान ली।
वीडियो में अपना दर्द बयां करते हुए नेहा कहती हैं, “मैंने न्यूयॉर्क और ब्रुकलिन ब्रिज की कम से कम एक हजार रील्स देखी होंगी। अब मैं खुद ब्रुकलिन ब्रिज पर खड़ी हूं, लेकिन यहां लोग फोटो तक नहीं खींचने दे रहे। इसलिए थक-हारकर मैं यहीं बैठ गई। आप लोग ही फोटो खींच लो… कम से कम किसी की रील तो बनेगी, किसी की पोस्ट तो इंस्टा पर जाएगी। मैं इसी में खुश हूं कि मुझे नजारा तो दिख रहा है।”
नेहा ने वीडियो के कैप्शन में खुले तौर पर लिखा, “इससे ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई और पर्यटकों को फंसाने वाली जगह का नाम बताइए, मैं इंतजार करूंगी।”
सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘उम्मीद बनाम हकीकत’ की बहस
नेहा का यह वीडियो सामने आते ही हजारों लोगों ने इसे देखा और इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। बड़ी संख्या में यूजर्स ने ‘Expectation vs Reality’ (उम्मीद बनाम हकीकत) की बात लिखते हुए उनके अनुभव से सहमति जताई। कई अनुभवी पर्यटकों ने कमेंट सेक्शन में स्वीकार किया कि दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इंस्टाग्राम कल्चर के कारण अब शांति से घूमना या फोटो खींचना लगभग असंभव हो गया है।
क्या है ब्रुकलिन ब्रिज का सच?
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न्यूयॉर्क के मैनहट्टन और ब्रुकलिन को जोड़ने वाला यह ऐतिहासिक सस्पेंशन ब्रिज अपनी अनूठी वास्तुकला और ईस्ट रिवर के शानदार दृश्यों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हालांकि, डिजिटल दौर और इंस्टाग्राम रील्स के बढ़ते चलन ने इसे इतना लोकप्रिय बना दिया है कि यहां हर दिन हजारों की संख्या में पर्यटक ‘परफेक्ट शॉट’ की तलाश में पहुंचते हैं। नतीजा यह होता है कि भारी भीड़, धक्का-मुक्की और लंबी कतारें पर्यटकों के सारे उत्साह पर पानी फेर देती हैं।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि सोशल मीडिया पर एडिटेड और बिना भीड़ वाली वीडियो देखकर पर्यटक जिन जगहों की कल्पना मन में सजा लेते हैं, हकीकत में वे उससे काफी अलग और थका देने वाली होती हैं। ब्रुकलिन ब्रिज पर नेहा का यह अनुभव असल में आज के ‘रील्स संचालित पर्यटन’ की कड़वी सच्चाई को बयां करता है।
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