September 7, 2026

Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में सड़कों पर उतरे सफाई कर्मी, साथी रोहित की मौत पर निकाला रोष मार्च, 33वें दिन भी ठप रहा काम

0
Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में सड़कों पर उतरे सफाई कर्मी, साथी रोहित की मौत पर निकाला रोष मार्च, 33वें दिन भी ठप रहा काम

कुरुक्षेत्र में सड़कों पर उतरे सफाई कर्मी, साथी रोहित की मौत पर निकाला रोष मार्च

Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र शहर में नगर परिषद (थानेसर) के सफाई कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को 33वें दिन में प्रवेश कर गया। हड़ताल के दौरान रविवार को 26 वर्षीय साथी सफाई कर्मचारी रोहित की अचानक दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत के बाद सोमवार को कर्मचारियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। कर्मचारियों ने नप कार्यालय से शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए एक विशाल रोष मार्च निकाला, जिसमें सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

बाजारों से गुजरा रोष मार्च, लगे जय भीम के नारे

कर्मचारी नप कार्यालय से एकजुट होकर निकले और मुख्य बाजार, अंबेडकर चौक तथा पुराने बस स्टैंड मार्ग से होते हुए रोष मार्च निकाला। हाथों में झंडे-बैनर लिए कर्मचारियों ने ‘जय भीम’ के उद्घोष के साथ अपनी आवाज बुलंद की। मार्च जिस रास्ते से गुजरा, वहां राहगीरों और दुकानदारों की नजरें कर्मचारियों के इस विरोध प्रदर्शन पर टिकी रहीं।

“नोटिस और अल्टीमेटम की वजह से दबाव में था रोहित”

कर्मचारी नेता सुनील लोहट ने रोष मार्च को संबोधित करते हुए कहा कि रोहित लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और अधिकारियों द्वारा बार-बार जारी किए जा रहे कारण बताओ नोटिस और बर्खास्तगी की चेतावनियों के चलते रोहित भारी मानसिक तनाव का शिकार हो गया था। लोहट ने मांग की कि रोहित की मौत के इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी अधिकारी का दबाव या लापरवाही सामने आती है, तो उस पर सख्त कार्रवाई तय की जाए।

33 दिन से शहर में सफाई ठप, जगह-जगह कचरे के ढेर

सफाई कर्मचारियों के लगातार 33 दिन से काम बंद रखने के कारण कुरुक्षेत्र शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। मुख्य बाजारों, व्यस्त चौराहों और आवासीय कॉलोनियों में जगह-जगह गंदगी और कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे नजर आ रहे हैं। आमजन को हो रही परेशानियों के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।

“न खुद सफाई करेंगे, न किसी और को करने देंगे”

यूनियन प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक राज्य सरकार उनकी लंबित मांगों पर कोई स्पष्ट और लिखित फैसला नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन किसी भी सूरत में वापस नहीं लिया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि आंदोलन के दौरान वे न तो खुद झाड़ू उठाएंगे और न ही ठेके पर किसी अन्य माध्यम से शहर में सफाई का काम होने देंगे।

यह भी पढ़ें– कुरुक्षेत्र में हड़ताली सफाई कर्मचारी की हार्ट अटैक से मौत, ड्यूटी के अल्टीमेटम से तनाव में था 26 वर्षीय रोहित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed