Rajound News: राजौंद में बारिश से मौसम हुआ सुहावना, पर निर्माणाधीन सड़क बनी आफत; कई बाइक सवार गिरे

राजौंद में बारिश से मौसम हुआ सुहावना, पर निर्माणाधीन सड़क बनी आफत
Rajound News: राजौंद (नरेश कुमार)। राजौंद कस्बे और आसपास के क्षेत्र में रविवार सुबह से जारी रुक-रुक कर बारिश ने जहां मौसम के मिजाज को सुहावना बना दिया, वहीं कस्बे की लचर प्रशासनिक व्यवस्था ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश की फुहारों ने पिछले कई दिनों से पड़ रही चिपचिपी गर्मी और उमस से तो लोगों को निजात दिलाई, लेकिन कस्बे में चल रहा सड़क का धीमा निर्माण कार्य आमजन के लिए आफत का सबब बन गया। बारिश का पानी जमा होने और रास्ते पर बिखरी मिट्टी के घुलकर फैलने से सड़क पूरी तरह दलदल और फिसलन भरे मार्ग में तब्दील हो गई।
सुहावने मौसम के बीच आफत बनी अधूरी सड़क
सुबह से ही आसमान में काले बादलों का डेरा रहा और ठंडी हवाओं के साथ हल्की रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। तापमान में आई गिरावट से लोगों ने एसी और कूलर बंद कर सुहावने मौसम का आनंद लिया। हालांकि, मौसम की इस राहत पर अधूरे पड़े निर्माण कार्य ने पानी फेर दिया। कस्बे के मुख्य निर्माणाधीन मार्ग पर बिछाई गई मिट्टी पानी पड़ते ही बेहद चिकनी हो गई, जिससे सड़क से गुजर रहे दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर फिसलने लगे। दिनभर कई बाइक और स्कूटी सवार असंतुलित होकर कीचड़ में जा गिरे, जिससे उन्हें मामूली चोटें भी आईं। वहीं, पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना किसी खतरे से कम साबित नहीं हुआ।
कछुआ चाल से चल रहे काम पर बिफरे दुकानदार
कस्बे के स्थानीय दुकानदारों व नागरिकों—वंश फुहार, सेमी लाल, लछमन दास, दीपक, विशाल, नफे सिंह, अरुण और कुलदीप—ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर तीखा रोष जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का काम लंबे समय से कछुआ चाल से चल रहा है। मानसूनी बारिश के मौसम को देखते हुए ठेकेदार को समय रहते पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे, लेकिन सड़क पर मिट्टी और रोड़ी डालकर अधर में छोड़ दिया गया। हल्की सी बारिश होते ही यह पूरा रास्ता हादसों का केंद्र बन जाता है।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही, जब तक सड़क का पक्का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक फिसलन वाली जगहों पर गिट्टी और कंक्रीट डालकर रास्ते को तुरंत चलने लायक बनाया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
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