September 18, 2026

West Bengal Bypoll: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ममता गुट को झटका, प्रत्याशी संचिता डे ने नामांकन लिया वापस

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West Bengal Bypoll: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ममता गुट को झटका, प्रत्याशी संचिता डे ने नामांकन लिया वापस

नंदीग्राम में ममता की प्रत्याशी संचिता डे ने नामांकन वापस लिया,

West Bengal Bypoll: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है। ममता बनर्जी गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। यह फैसला उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद लिया। नामांकन वापस लेने के बाद नंदीग्राम में ममता बनर्जी के गुट का अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं रहेगा। संचिता प्रधान डे ने नाम वापसी से जुड़ा पत्र भी जारी किया है। वह पेशे से शिक्षिका हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने नामांकन वापस लेने से पहले राज्य सचिवालय नबन्ना में शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने के पीछे की वजह उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की है।

 

 

ममता गुट ने कांग्रेस को दिया समर्थन

संचिता के चुनाव मैदान से हटने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया है। इससे नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की ओर से अलग उम्मीदवार उतारने की स्थिति खत्म हो गई है। ममता गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था। रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी अभी मैदान में हैं।

चुनाव आयोग ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की है। दोनों सीटों पर वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दो विधानसभा सीटों से चुनाव जीतने के बाद खाली हुई थी। वहीं रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई।

 

 

TMC के दोनों गुटों को मिले अलग नाम और सिंबल

उपचुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। चुनाव आयोग ने इससे पहले दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक ‘फूल-घास’ चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था। यह व्यवस्था फिलहाल उपचुनावों के लिए लागू है।

किसी उम्मीदवार के वैध तरीके से नामांकन वापस लेने के बाद उसका नाम अंतिम उम्मीदवार सूची में शामिल नहीं किया जाता। नाम वापसी की तय समय-सीमा खत्म होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर मैदान में बचे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करता है। यदि किसी सीट पर सिर्फ एक वैध उम्मीदवार बचता है तो चुनाव निर्विरोध होने की स्थिति बन सकती है। वहीं कई उम्मीदवार बचे रहने पर तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान कराया जाता है। नंदीग्राम में अब नाम वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर के बाद मैदान में बचे उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होगी।

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