Haryana News: शाहबाद में धान खरीद पर बनी सहमति, गुरनाम सिंह चढूनी ने धरना किया समाप्त, कल से मंडियों में शुरू होगी सरकारी बोली
शाहबाद में धान खरीद पर बनी सहमति, गुरनाम सिंह चढूनी ने धरना किया समाप्त
Haryana News: कुरुक्षेत्र जिले की प्रसिद्ध धान मंडी शाहबाद में पिछले कुछ दिनों से जारी किसानों का अनिश्चितकालीन धरना (Farmers Protest) आखिरकार बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। मंडी में धान की सरकारी खरीद (Mandi Paddy Buy) तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर किसान लगातार आंदोलनरत थे। सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई दौर की बैठकों के बाद मांगों पर प्रशासनिक सहमति बन गई, जिसके बाद भारतीय किसान यूनियन (Gurnam Singh Chaduni) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने धरना समाप्त करने का औपचारिक ऐलान किया।
धरना स्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए बीकेयू प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार ने किसानों की जायज मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कल से ही मंडी में सुचारू रूप से धान की खरीद और लिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। सहमति बनने के बाद हफ्तों से अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे अन्नदाताओं ने राहत की सांस ली है।
नमी और खरीद मानकों को लेकर फंसा था पेंच, किसान थे परेशान
गौरतलब है कि शाहबाद और कुरुक्षेत्र क्षेत्र में धान की अगेती किस्मों की आवक काफी समय से शुरू हो चुकी है। मंडियों में खुले आसमान के नीचे हजारों क्विंटल धान की ढेरियां लगी हुई थीं, लेकिन सरकारी खरीद एजेंसी की सुस्ती और नमी के मानकों को लेकर खरीदारी में देरी हो रही थी। इससे आक्रोशित होकर भाकियू चढूनी गुट के नेतृत्व में किसानों ने शाहबाद में मोर्चा खोल दिया था और जीटी रोड व मंडी प्रशासन के खिलाफ धरना शुरू कर दिया था।
किसान नेताओं का तर्क था कि देरी होने से न केवल फसल खराब होने का खतरा बना रहता है, बल्कि मंडियों में जगह न होने के कारण नए किसानों को भी अपनी उपज लाने में भारी दिक्कतें पेश आ रही थीं। अब सरकार के नए रुख और कल से खरीद शुरू करने के लिखित/मौखिक भरोसे के बाद स्थिति पटरी पर आती दिख रही है।
कल से सुचारू खरीद का दावा, पुलिस और प्रशासन ने ली राहत की सांस
शाहबाद मंडी प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कल सुबह से ही खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि मंडियों में तैनात रहेंगे और बारदाना तथा लिफ्टिंग के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं।
आंदोलन खत्म होने से न केवल जीटी रोड और शाहबाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई है, बल्कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। किसान नेताओं ने चेतावनी भी दी है कि यदि कल से खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बरती गई, तो किसान दोबारा सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे।
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