September 25, 2026

Yamunanagar Fake Firm Fraud ASI: हरियाणा पुलिस के ASI की सैलरी हुई अटैच, 18 साल बाद खुला 2008 के बड़े फर्जीवाड़े का राज

0
Yamunanagar Fake Firm Fraud ASI: हरियाणा पुलिस के ASI की सैलरी हुई अटैच, 18 साल बाद खुला 2008 के बड़े फर्जीवाड़े का राज

हरियाणा पुलिस के ASI की सैलरी हुई अटैच, 18 साल बाद खुला 2008 के बड़े फर्जीवाड़े का राज

Yamunanagar Fake Firm Fraud ASI: पहचान पत्रों और निजी दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल से होने वाले वित्तीय अपराध का एक हैरान कर देने वाला मामला यमुनानगर में सामने आया है। हरियाणा पुलिस के एएनसी (ANC) स्टाफ पंचकूला में तैनात एएसआई कर्मजीत सिंह के राशन कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर अज्ञात ठगों (Fraud) ने साल 2008 में ‘एमएस यमुना सेल्स कॉरपोरेशन’ नाम से एक फर्जी फर्म रजिस्टर करा ली। हद तो तब हो गई जब इस फर्जी कंपनी के नाम पर आबकारी एवं कराधान विभाग से वैट (VAT) नंबर भी हासिल कर लिया गया। इस पूरे फर्जीवाड़े का शिकार हुए पुलिसकर्मी को 18 साल तक इसकी कानों-कान भनक तक नहीं लगी।

ड्यूटी पर तैनात थे ASI, उधर नाम पर चल रहा था करोड़ों का फर्जी कारोबार

शिकायतकर्ता एएसआई कर्मजीत सिंह ने बताया कि जगाधरी रोड पर जिस पते (Yamunanagar) पर यह फर्म दिखाई गई थी, उस जगह या उसके कारोबार से उनका कभी कोई वास्ता ही नहीं रहा। जिस दौरान जालसाज उनके दस्तावेजों के दम पर कमर्शियल रजिस्ट्रेशन करा रहे थे, उस वक्त वे खुद पुलिस विभाग में अपनी सरकारी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने न तो कभी इस कंपनी के लिए कोई बैंक खाता खोला, न किसी कारोबारी कागज पर दस्तखत किए और न ही कभी कोई लेनदेन किया।

2010 में रद्द हुई फर्म, फिर भी 2026 में सैलरी अटैच करने के आदेश

मामले में प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की बड़ी चूक भी उजागर हुई है। आबकारी एवं कराधान विभाग ने फर्जीवाड़ा सामने आने पर 22 मार्च 2010 को इस फर्म का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था। इसके बावजूद, 2014 में विभाग ने एएसआई के खिलाफ एक्स-पार्टी  पेनल्टी का आदेश जारी कर दिया। मामला यहीं शांत नहीं हुआ, जुलाई 2026 में जब टैक्स अधिकारियों ने रिकवरी की आक्रामक कार्रवाई शुरू की और एसबीआई व एचडीएफसी बैंक खातों को फ्रीज कराकर एएसआई की सैलरी अटैच करने का हुक्म दिया, तब जाकर कर्मजीत सिंह के होश उड़े।

पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई FIR, जांच तेज

अचानक बैंक खाते सीज होने और आर्थिक चपत लगने के बाद पीड़ित पुलिसकर्मी ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक (SP) यमुनानगर को सौंपी। थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आईपीसी/बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि 2008 में एएसआई के राशन कार्ड की प्रति किसने चुराई, वैट नंबर हासिल करने में विभागीय स्तर पर किसकी मिलीभगत थी और फर्जी बैंक खाते खोलकर कौन-कौन लोग इस गोरखधंधे से मुनाफा कमा रहे थे।

यह भी पढ़ें – हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, आज से छमाछम बारिश के आसार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *