पंचायत चुनाव 2026: राजस्थान में 7200 महिलाओं के लिए सरपंच पद आरक्षित, 65 हजार महिला वार्ड पंच बनेंगी
राजस्थान में 7200 महिला सरपंच बनेंगी
Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए गुरुवार को उपखंड मुख्यालयों पर आरक्षण लॉटरी निकाली गई। इसी प्रक्रिया के साथ 14,403 सरपंच और 1,30,584 वार्ड पंच पदों के आरक्षण की स्थिति तय हो गई है। आरक्षण तय होने के बाद अब पंचायत चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार है। लॉटरी में महिलाओं के लिए बड़ी संख्या में पद आरक्षित किए गए हैं। प्रदेश में करीब 7,200 महिलाएं सरपंच चुनी जाएंगी, जबकि वार्ड पंचों में भी करीब 65 हजार पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इससे आगामी पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों के मैदान में उतरने का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य की ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के आरक्षण में अनुसूचित जनजाति यानी ST वर्ग को 3,058 पद मिले हैं। अनुसूचित जाति यानी SC के लिए 2,493 और अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए 1,961 सरपंच पद आरक्षित किए गए हैं। बाकी पद सामान्य श्रेणी और महिला आरक्षण के नियमों के अनुसार तय किए गए हैं। वार्ड पंचों के 1,30,584 पदों के लिए भी आरक्षण तय किया गया है। इनमें 21,962 वार्ड SC वर्ग, 19,117 वार्ड ST वर्ग और करीब 15 हजार वार्ड OBC के लिए आरक्षित किए गए हैं। महिलाओं के लिए आरक्षण भी इसी प्रक्रिया के तहत निर्धारित किया गया है।
चार जिलों की सभी ग्राम पंचायतों में ST आरक्षण
राजस्थान के चार जिलों में सरपंच पदों का पूरा आरक्षण ST वर्ग के लिए किया गया है। इनमें बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर शामिल हैं। इन चार जिलों में कुल 1,253 ग्राम पंचायतें हैं और सभी के सरपंच पद ST के लिए आरक्षित किए गए हैं। बांसवाड़ा में सरपंच के 327 पद, डूंगरपुर में 442, सलूंबर में 207 और प्रतापगढ़ में 277 पद हैं। इन सभी पदों पर ST आरक्षण लागू होगा। इन जिलों में पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए आरक्षण लॉटरी के परिणाम सीधे तौर पर चुनावी समीकरण तय करेंगे।
सरपंच पदों के आरक्षण की लॉटरी प्रदेश के अलग-अलग उपखंड मुख्यालयों पर कराई गई। जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और अलवर समेत 41 जिलों में ग्राम पंचायतवार आरक्षण तय किया गया है। इसके अलावा सीकर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीडवाना-कुचामन, डीग और धौलपुर में भी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, नागौर, पाली, फलोदी, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, सिरोही, श्रीगंगानगर और टोंक के लिए भी ग्राम पंचायतों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई।
बाड़मेर में आपत्ति के बाद दोबारा निकली लॉटरी
बाड़मेर पंचायत समिति में सरपंच पदों के आरक्षण की लॉटरी के दौरान एक ग्राम पंचायत को लेकर विवाद सामने आया। कपूरड़ी ग्राम पंचायत को SC आरक्षित किए जाने पर जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि ग्राम पंचायत में SC वर्ग की आबादी नहीं है। आपत्ति सामने आने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने पूरी पंचायत समिति की आरक्षण लॉटरी दोबारा निकालने के आदेश दिए। इससे बाड़मेर पंचायत समिति में आरक्षण की प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ी।
अब प्रधान, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, पंच और सरपंच पदों के आरक्षण का पूरा ब्योरा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। आयोग को सभी पदों की आरक्षण स्थिति मिलने के बाद चुनाव कार्यक्रम जारी किया जा सकता है। संभावना है कि शनिवार या सोमवार तक पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से चुनाव की अधिसूचना जारी होने और नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई गई है। पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार 15 नवंबर तक पूरी करनी है। ऐसे में आरक्षण लॉटरी के बाद अब चुनाव कार्यक्रम, नामांकन की तारीख और मतदान की प्रक्रिया पर निगाह रहेगी।
