Gurugram Bus Fire Accident: जमानत मिलते ही अंडरग्राउंड हुए तीनों आरोपी, कोर्ट ने रद्द की बेल, गिरफ्तारी वारंट जारी
जमानत मिलते ही अंडरग्राउंड हुए तीनों आरोपी, कोर्ट ने रद्द की बेल
Gurugram Bus Fire Accident: दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर झाड़सा फ्लाईओवर के पास नवंबर 2023 में हुए दिल दहला देने वाले बस अग्निकांड के तीनों मुख्य आरोपी जमानत पर बाहर आते ही कानूनी शिकंजे से भागने की फिराक में हैं। अदालत की बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद जब आरोपी और उनके वकील सुनवाइयों में पेश नहीं हुए, तो अदालत ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत रद्द करते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं।
झाड़सा फ्लाईओवर पर हुआ था खौफनाक हादसा
उल्लेखनीय है कि 8 नवंबर 2023 की रात सेक्टर-12 के अंतरराज्यीय बस अड्डे से उत्तर प्रदेश जा रही अरुणाचल प्रदेश नंबर की एक प्राइवेट स्लीपर बस में झाड़सा फ्लाईओवर के पास अचानक भीषण आग लग गई थी। करीब 45 प्रवासी मजदूरों और उनके परिजनों से खचाखच भरी इस बस के पिछले हिस्से (लगेज कंपार्टमेंट) से उठी लपटों ने देखते ही देखते पूरी बस को खाक कर दिया था। जान बचाने के लिए बदहवास यात्री खिड़कियों के शीशे तोड़कर सड़क पर कूदने लगे थे।
इस भीषण हादसे में माया (25), उनकी छह वर्षीय बेटी दीपाली और आठ महीने की गर्भवती महिला गायत्री की मौके पर ही जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 5 साल की मासूम आन्या ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
अवैध गैस सिलेंडर और पटाखों ने ली थी जान
हादसे की जांच के दौरान पुलिस के सामने चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। बस के लगेज सेक्शन में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से रसोई गैस सिलेंडर और पटाखों का जखीरा भरा हुआ था, जिसने आग को पलक झपकते ही बेकाबू कर दिया था। जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि नियमों के लगातार उल्लंघन के कारण इस बस का पूर्व में भी कई बार चालान काटा जा चुका था।
चार्जशीट के दिन ही मिल गई थी जमानत
हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस ऑपरेटर राजेश कुमार, ड्राइवर राम और को-ड्राइवर प्रदीप को गिरफ्तार कर सेक्टर-40 थाने में केस दर्ज किया था। हालांकि, 12 फरवरी 2024 को जैसे ही पुलिस ने अदालत में चार्जशीट पेश की, तीनों आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई।
जमानत मिलते ही आरोपियों ने कानूनी प्रक्रिया से दूरी बनाना शुरू कर दिया। 2 जून 2025 को एक दिन की व्यक्तिगत पेशी से छूट मिलने के बाद आरोपियों ने अदालती तारीखों पर आना पूरी तरह बंद कर दिया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों के साथ-साथ उनके वकील ने भी कोर्ट में पैरवी करना छोड़ दिया, जिससे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय (Charges Frame) करने की बहस लटक गई।
16 जनवरी की सुनवाई से पहले धरपकड़ की तैयारी
अदालत ने आरोपियों की इस टालमटोल पर सख्त रवैया अपनाते हुए 21 नवंबर 2025 को उनके बेल बॉन्ड जब्त कर जमानत निरस्त कर दी और गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। साथ ही उनकी जमानत देने वाले गारंटरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। Sector-40 थाना प्रभारी पूनम के मुताबिक, पुलिस टीम आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है और हर हाल में 16 जनवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में तीनों को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
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