CM Action Gurugram: गुरुग्राम में CM नायब सैनी का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर प्रदूषण बोर्ड के 2 RO सस्पेंड
गुरुग्राम में CM नायब सैनी का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर प्रदूषण बोर्ड के 2 RO सस्पेंड
CM Action Gurugram: साइबर सिटी गुरुग्राम में विकास कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को सख्त मिजाज में नजर आए। शहर में बढ़ते प्रदूषण और बदहाल प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आ रही शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लेते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के दो क्षेत्रीय अधिकारियों (RO) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया।
अधिकारियों पर सीएम का चाबुक इस कदर चला कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती का राष्ट्रीय अवकाश होने के बावजूद कुछ ही घंटों के भीतर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन ने दोनों अफसरों के सस्पेंशन ऑर्डर जारी कर दिए।
बैठक में उठा लापरवाही का मुद्दा, निशाने पर आए अधिकारी
मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री नायब सैनी गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) और नगर निगम (MCG) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहर के बुनियादी ढांचे और चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक रिपोर्टों के जरिए शहर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बरती जा रही ढिलाई का मुद्दा गर्मा गया।
बैठक में यह बात सामने आई कि प्रदूषण से जुड़ी गंभीर शिकायतों पर क्षेत्रीय अधिकारी न तो समय पर कार्रवाई कर रहे हैं और न ही स्थिति को सुधारने के लिए जमीनी कदम उठाए जा रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री ने बिना कोई ढील दिए मौके पर ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
इन दो अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:
गुरुग्राम नॉर्थ की RO आकांक्षा, और गुरुग्राम साउथ के RO मुकुल कुमार को निलंबित कर दिया। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के साथ नवनिर्वाचित कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर और गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने भी शहर के बुनियादी ढांचे, सफाई व्यवस्था और लंबित परियोजनाओं को लेकर अपने-अपने विचार सीएम के समक्ष रखे।
विकास कार्यों की ली सीधी रिपोर्ट, तय समय सीमा में काम पूरा करने की हिदायत
निलंबन की कार्रवाई के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने बैठक में गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों के निर्माण, जलभराव और सीवरेज व्यवस्था से जुड़ी चल रही तमाम परियोजनाओं का पूरा लेखा-जोखा लिया। सीएम ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों की रफ्तार में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो परियोजनाएं लंबित हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि जनता को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री के इस रुख से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और साफ संदेश गया है कि जनहित के कार्यों और पर्यावरण से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर कोताही बरतने वाले अफसरों पर आगे भी गाज गिर सकती है।
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