August 2, 2026

NCERT Emergency Chapter: नौवीं की किताब में आपातकाल पर अध्याय शामिल करने के NCERT के कदम का भाजपा ने किया स्वागत

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NCERT Emergency Chapter: नौवीं की किताब में आपातकाल पर अध्याय शामिल करने के NCERT के कदम का भाजपा ने किया स्वागत

सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक में शामिल आपातकाल का अध्याय

NCERT Emergency Chapter: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को एनसीईआरटी के उस फैसले का समर्थन किया जिसके तहत कक्षा-9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में आपातकाल के दौर पर एक अध्याय शामिल किया गया है। पार्टी का कहना है कि भारत के संवैधानिक इतिहास के इस ‘‘काले अध्याय’’ को याद रखना जरूरी है ताकि ऐसा दोबारा कभी न हो। सत्ताधारी पार्टी ने 1975 में आपातकाल लागू करने को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के इस अध्याय को शामिल करने के फैसले का विरोध कर रही है। एनसीईआरटी ने पहली बार सामाजिक विज्ञान की नई किताब ‘‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’’ में आपातकाल पर एक अध्याय शामिल किया है।

इसके बाद भाजपा का बयान आया। आपातकाल को भारत में लोकतंत्र के लिए ‘‘बड़ी चुनौतियों में से एक’’ बताते हुए कहा गया है कि इस दौरान ज्यादातर मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था। यह अध्याय एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान की नई किताब में शामिल किया गया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के अनुसार, 25 जून 1975 का दिन भारत की लोकतांत्रिक और संवैधानिक यात्रा का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान कांग्रेस ने हर संवैधानिक संस्था पर हमला किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच देश में आपातकाल लागू किया था। पूनावाला ने कहा, ‘‘आपातकाल इंदिरा गांधी और कांग्रेस की सत्ता की भूख के कारण लागू किया गया था।

हर संवैधानिक संस्था पर हमला किया गया। संसद, विधायिका, न्यायपालिका और मीडिया पर सेंसरशिप लगाई गई और उन्हें दबाया गया।’’ उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘हमने देखा कि कैसे किशोर कुमार जैसे लोगों की आवाज दबाई गई और उनके गीत आकाशवाणी से हटा दिए गए। इस तरह के अत्याचार किए गए थे।’’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया, न्यायिक समीक्षा का अधिकार छीन लिया गया और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को खत्म कर दिया गया था। उनके अनुसार, एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में आपातकाल पर अध्याय शामिल करने के फैसले से छात्रों को इस दौर के बारे में जानने में मदद मिलेगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा कभी न हों।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, एनसीईआरटी ने आपातकाल को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए उस पर एक अध्याय शामिल करने और छात्रों को इसके बारे में पढ़ाने का फ़ैसला किया है।’’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमें भारत के संवैधानिक इतिहास के इस काले अध्याय को याद रखना चाहिए और इसे याद करते रहना चाहिए, लेकिन हमें इसे कभी भी दोहराना नहीं चाहिए।’’ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की सोच अब भी ‘‘आपातकाल वाली’’ है । उन्होंने सवाल किया कि वे इस अध्याय को शामिल करने का विरोध क्यों कर रहे हैं ? पूनावाला ने कहा कि जयप्रकाश नारायण, मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद जैसे नेताओं ने आपातकाल के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विडंबना है कि उनसे जुड़े कई दल अब कांग्रेस के साथ हैं।

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