September 16, 2026

Dehradun News: देहरादून में भावुक हुए CM धामी, 1975 के आपातकाल को बताया इतिहास का सबसे काला अध्याय

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Dehradun News: देहरादून में भावुक हुए CM धामी, 1975 के आपातकाल को बताया इतिहास का सबसे काला अध्याय

Dehradun News: देहरादून में भावुक हुए CM धामी, 1975 के आपातकाल को बताया इतिहास का सबसे काला अध्याय

Dehradun News: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के जी.एम.एस. रोड स्थित एक स्थानीय होटल में गुरुवार को ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भावुक और गौरवपूर्ण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूबे के लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1975 में आज ही के दिन यानी 25 जून को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए नागरिकों के मूल अधिकारों को बेरहमी से कुचला था।

सत्ता के अहंकार में छीनी गई थी प्रेस की आजादी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में आपातकाल के उस दौर की विभीषिका को याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय न केवल राजनेताओं को जेलों में ठूंसा गया, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर भी पूरी तरह अंकुश लगा दिया गया था।

तत्कालीन सरकार ने संविधान की मूल भावना को गहरी चोट पहुंचाई थी, लेकिन देश की जागरूक जनता ने झुकने से साफ इनकार कर दिया और लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब दिया।

लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष से बहाल हुई व्यवस्था

सीएम धामी ने मंच से लोकतंत्र सेनानियों के अदम्य साहस, त्याग और संघर्ष को नमन किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज हम जिस खुली हवा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सांस ले रहे हैं, वह इन्हीं सेनानियों की देन है। इन सेनानियों का राष्ट्र निर्माण में दिया गया योगदान उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की भावी पीढ़ियों के लिए हमेशा एक बड़े प्रेरणास्रोत का काम करेगा।

धामी सरकार ने ₹20 हजार की सम्मान निधि से बढ़ाया मान

उत्तराखंड में लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने एक अहम आंकड़ा भी साझा किया। उन्होंने याद दिलाया कि सूबे की सरकार इन सेनानियों के मान-सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है।

इसी कड़ी में साल 2023 में राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों की मासिक सम्मान निधि को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 20 हजार रुपये प्रति माह कर दिया था। इसके अलावा जेल जाने वाले सेनानियों और उनके आश्रित जीवनसाथियों को विशेष पहचान पत्र भी दिए गए हैं ताकि सरकारी कामों में उन्हें प्राथमिकता मिल सके।

विकसित भारत और श्रेष्ठ उत्तराखंड का संकल्प

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन मॉडल की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज देश अंत्योदय और ‘राष्ट्र प्रथम’ के मूलमंत्र पर आगे बढ़ रहा है, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच रहा है। धामी ने नई पीढ़ी से आह्वान किया कि वे लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के सम्मान के संकल्प के साथ ‘विकसित भारत’ और ‘श्रेष्ठ उत्तराखंड’ के निर्माण में अपनी आहुति दें।

राजधानी के दिग्गज नेता रहे मौजूद

देहरादून के इस गरिमामयी कार्यक्रम में सियासत के कई बड़े चेहरे एक साथ मंच पर नजर आए। समारोह में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर और उमेश शर्मा काऊ ने भी शिरकत की। इनके अलावा भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार और महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र सेनानियों का आभार जताया।

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