September 12, 2026

उत्तराखंड में तेज बहाव में बहा 170 फीट का पुल, 3 सीमावर्ती घाटियों का संपर्क टूटा; 27 अगस्त को बना था नया पुल

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उत्तराखंड में तेज बहाव में बहा 170 फीट का पुल, चीन सीमा से लगी घाटियां कटीं; 27 अगस्त को बना था

उत्तराखंड में तेज बहाव में बहा 170 फीट का पुल

Monsoon Updates: उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच पिथौरागढ़ जिले में कुलागाड़ नाले पर बना 170 फीट लंबा बैली ब्रिज तेज बहाव में बह गया। ब्रिज के बहने से चीन सीमा से लगी व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों का संपर्क टूट गया है। यह बैली ब्रिज 27 अगस्त को ही बनाया गया था। इससे पहले 18 अगस्त को चट्टान गिरने से पुराना पुल टूट गया था, जिसके बाद आवाजाही बहाल करने के लिए नया बैली ब्रिज तैयार किया गया था। अब इसके बह जाने से सीमावर्ती इलाकों में आवाजाही की चुनौती फिर बढ़ गई है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पुल और सड़क संपर्क टूटने का सीधा असर स्थानीय लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति पर पड़ सकता है।

 

 

छत्तीसगढ़ में नदी में बह गए 3 कॉलेज स्टूडेंट्स

छत्तीसगढ़ के जांजगीरचांपा जिले में हसदेव नदी के तेज बहाव में तीन कॉलेज स्टूडेंट्स बह गए। तीनों शुक्रवार को बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के आठ छात्रछात्राओं के साथ पिकनिक मनाने देवरी गांव पहुंचे थे। बताया गया कि नदी किनारे सेल्फी लेते समय एक छात्र का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए दो अन्य छात्र भी नदी में कूद गए, लेकिन तेज बहाव में तीनों बह गए। घटना के बाद उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। बारिश के मौसम में नदी और जलाशयों के किनारे अचानक बढ़ने वाला पानी जोखिम बढ़ा देता है। इस घटना ने पिकनिक और पर्यटन स्थलों पर बरती जाने वाली सावधानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

 

 

बिहार में 15 जिलों के 47 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ प्रभावित

बिहार में बाढ़ का संकट लगातार बड़ा बना हुआ है। राज्य के 15 जिलों में 47 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई गांवों में पानी भरने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की जरूरत पड़ रही है।

 

 

उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का असर

उत्तर प्रदेश में भी 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित हुई है, जबकि 21 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।कानपुर और उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी किनारे बसे गांवों में कई जगह 10 फीट तक पानी भरने की स्थिति बताई गई है। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।

 

 

MP में 15 और राजस्थान के 29 जिलों में बारिश

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी मानसून ने दोबारा जोर पकड़ा है। मध्य प्रदेश के 15 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि राजस्थान के 29 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को बारिश के दौरान विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम हो गई। दमोह में निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। राजस्थान में भी शुक्रवार को अलवर, सवाई माधोपुर और दौसा में तेज बारिश हुई। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

 

 

कई राज्यों में एक साथ बारिश और बाढ़ की चुनौती

उत्तराखंड में पुल टूटने से सीमावर्ती घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ में नदी के तेज बहाव ने तीन युवाओं की जान जोखिम में डाल दी, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर आबादी बाढ़ से प्रभावित है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश और राजस्थान में मानसून की दोबारा सक्रियता ने बारिश का दौर बढ़ा दिया है। इन राज्यों में नदियों, नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए अगले कुछ दिन खास तौर पर सतर्क रहने वाले हैं।

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