August 2, 2026

Faridabad News: फरीदाबाद में थाने के मालखाने से चोरी हो गए 32 लाइसेंसी हथियार, ASI सस्पेंड

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Faridabad News: फरीदाबाद में थाने के मालखाने से चोरी हो गए 32 लाइसेंसी हथियार, ASI सस्पेंड

सरकारी कस्टडी से चोरी हुए लाइसेंसी हथियार, ITI छात्र ने रची थी साजिश

Faridabad News: दिल्ली से सटे फरीदाबाद में पुलिस महकमे की एक ऐसी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां के सेक्टर-8 थाना परिसर में बने सरकारी मालखाने से करीब दो महीने पहले पुलिस की कड़ी सुरक्षा में रखे गए 32 लाइसेंसी हथियार चोरी हो गए।

शुरुआती रूटीन चेकिंग के दौरान सिर्फ 13 हथियारों के गायब होने की बात सामने आई थी, जिससे अधिकारियों के कान खड़े हो गए। लेकिन जब रिकॉर्ड खंगालते हुए गहराई से जांच आगे बढ़ाई गई, तो मालखाने के बक्से से एक-दो नहीं बल्कि पूरे 32 हथियार नदारद मिले। इस बड़ी चूक की जानकारी मिलते ही आला अफसरों के होश उड़ गए और तुरंत जांच बैठाई गई।

पुलिसिया जांच में बड़ा खुलासा, थाने में ट्रेनिंग करने आए युवक ने ही किया खेल

थाने के भीतर से असलहे गायब होने की इस सनसनीखेज वारदात का जब खुलासा हुआ, तो हर कोई दंग रह गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने मामले की परतें खोलते हुए बताया कि एक युवक आईटीआई (ITI) के माध्यम से थाने में अप्रेंटिस (ट्रेनिंग) करने के लिए आया हुआ था। इसी युवक ने अंदरूनी व्यवस्था का फायदा उठाकर मालखाने में सेंध लगाई।

वह एक-एक करके हथियारों को चुपचाप बाहर निकालता रहा और अपने करीबियों व जानकारों के नेटवर्क के जरिए उन्हें बाजार में बेचता चला गया। इस सुरक्षा चूक पर कड़ा संज्ञान लेते हुए फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर ने मालखाना इंचार्ज एएसआई (ASI) राजेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया है।

सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, 20 आरोपी दबोचे, लगभग सभी असलहे बरामद

हथियारों की तस्करी और इतनी बड़ी चोरी की वारदात सामने आते ही केस सेक्टर-30 की क्राइम ब्रांच टीम को सौंपा गया था। क्राइम ब्रांच ने कड़ियां जोड़ते हुए ताबड़तोड़ छापेमारी की और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े 20 आरोपियों को दबोच लिया।

राहत की बात यह रही कि पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए बेचे गए लगभग सभी हथियारों को दोबारा रिकवर कर लिया है, जिससे ये गलत हाथों में जाने से बच गए। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस गिरोह के तार कहीं किसी बड़े आपराधिक गैंग से तो नहीं जुड़े थे।

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