Rohtak News: 21 दिन की फरलो खत्म, भारी काफिले के साथ सिरसा से रोहतक की सुनारिया जेल वापस लौटा राम रहीम
21 दिन की फरलो खत्म, भारी काफिले के साथ सिरसा से रोहतक की सुनारिया जेल वापस लौटा राम रहीम
Rohtak News: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की 21 दिनों की फरलो की मियाद पूरी होने के बाद वह बुधवार को एक बार फिर रोहतक की सुनारिया जेल पहुंच गया है। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय से राम रहीम का काफिला सुनारिया जेल के लिए रवाना हुआ। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच निकले इस काफिले में ढाई करोड़ रुपये की लैंड क्रूजर सहित फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो जैसी कई लग्जरी गाड़ियां शामिल थीं।
फरलो की अवधि खत्म होने से एक दिन पहले मंगलवार शाम से ही डेरा परिसर में अनुयायियों की हलचल कम होने लगी थी। डेरा प्रबंधन के मुताबिक, अब राम रहीम की गैरमौजूदगी में श्रद्धालुओं को रिकॉर्डेड (ऑफलाइन) सत्संग ही सुनाया जाएगा।
9 साल में 17 बार आ चुका है जेल से बाहर
गौरतलब है कि राम रहीम को बीते 26 अगस्त को 21 दिनों की फरलो मिली थी। यह पिछले 9 वर्षों में 17वां मौका था जब वह पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया था। इससे पहले इसी साल जनवरी में उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी, जबकि 26 मई को 30 दिनों की पैरोल स्वीकृत की गई थी, जिसे पूरा कर वह 25 जून को वापस जेल लौटा था।
15 अगस्त को राम रहीम का जन्मदिन होने के कारण डेरा अनुयायी इस पूरे महीने को ‘अवतार माह’ के रूप में मनाते हैं। 26 अगस्त को जेल से बाहर आने के बाद सिरसा डेरे में सप्ताह भर तक जन्मोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके तहत लंगर, केक काटने और देशव्यापी पौधारोपण अभियान चलाए गए।
कानूनी स्थिति: साध्वी यौन शोषण में काट रहा सजा, दो मामलों में हाईकोर्ट से बरी
राम रहीम का कानूनी ब्योरा इस प्रकार है:
साध्वी यौन शोषण मामला: 25 अगस्त 2017 को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में राम रहीम को दोषी ठहराया था। 28 अगस्त 2017 को उसे कुल 20 साल की सजा सुनाई गई, जिसकी मियाद वह सुनारिया जेल में पूरी कर रहा है।
रणजीत सिंह हत्याकांड: डेरा के पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामले में सीबीआई अदालत ने 2021 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, मई 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में उसे बरी कर दिया।
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड: ‘पूरा सच’ अखबार के संपादक रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में सीबीआई अदालत ने जनवरी 2019 में राम रहीम को उम्रकैद दी थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में उसे इस मामले में दोषमुक्त करार दिया था। हालांकि, छत्रपति के परिजनों ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां अगस्त 2026 में याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया गया है।
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