Narnaul Quiz Pali: अहीरवाल के 2,500 गांवों के इतिहास का संकलन पूरा, सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट ने पाली में रचा इतिहास
अहीरवाल के 2,500 गांवों के इतिहास का संकलन पूरा, सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट ने पाली में रचा इतिहास
Narnaul Quiz Pali: अहीरवाल की माटी सिर्फ वीरों और ऋषियों की जननी ही नहीं, बल्कि हजारों साल पुरानी एक समृद्ध सांस्कृतिक चेतना की भी संवाहक है। इस क्षेत्र के हर गांव की अपनी एक अनूठी कहानी, धार्मिक विरासत और मान-बिंदु हैं, जिन पर आने वाली पीढ़ियों को गर्व करना चाहिए। यह विचार पाली स्थित संस्कार भारती महाविद्यालय में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के दौरान पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी संतोष चौहान ने व्यक्त किए।
सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के निदेशक सत्यव्रत शास्त्री ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में लालचंद शास्त्री मंच पर मौजूद रहे।
ऋषियों और योद्धाओं की भूमि है अहीरवाल: पूर्व डीईओ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व डीईओ संतोष चौहान ने उपस्थित युवाओं और प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी का यह नैतिक दायित्व है कि अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि अहीरवाल का इतिहास हजारों साल पुराना है, जहां ऋषि-मुनियों, महान योद्धाओं, साधु-संतों और प्रकांड विद्वानों ने जन्म लिया है। इस पावन धरा का एक-एक गांव अपनी गहरी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को संजोए हुए है। हमें अपनी आने वाली नस्लों को इस गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराना होगा।
ढाई हजार गांवों के इतिहास का संकलन पूरा: सत्यव्रत शास्त्री
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट के निदेशक सत्यव्रत शास्त्री ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट ने अहीरवाल क्षेत्र के लगभग ढाई हजार गांवों का प्रमाणिक इतिहास लिखने का ऐतिहासिक कार्य सफलता पूर्वक पूरा कर लिया है। इस वृहद संकलन में क्षेत्र की हर प्रतिभा, योग्य व्यक्तित्व और ऐतिहासिक धरोहरों को यथायोग्य स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि समाज को जातियों के बंधन से मुक्त कर एक सूत्र में पिरोने का यह एक सशक्त माध्यम है। हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि अपने गांव की पहचान को ‘धाम’ के स्तर तक ले जाएं।
कवि शमशेर कोसलिया सम्मानित, बौद्धिक मुकाबले में दिखा उत्साह
समारोह के दौरान प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि दयाचंद मायना पुरस्कार से सम्मानित शमशेर कोसलिया को उनकी विशिष्ट साहित्यिक सेवाओं के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं, आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में महेंद्रगढ़ और नारनौल क्षेत्र पर केंद्रित दो टीमों ने हिस्सा लिया, जिनका नेतृत्व सतीश खेड़ा और सांवत सिंह गोद ने किया। प्रतियोगिता का संचालन करणपाल यादव नावता ने बखूबी निभाया, जबकि मंच संचालन की कमान यशपाल आर्य लुहान के हाथों में रही।
क्षेत्र के प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
इससे पूर्व कार्यक्रम में पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत नरेश यादव आकोदा और सैनी सभा महेंद्रगढ़ के प्रधान सुरेश सैनी ने किया। इस अवसर पर पूर्व हसला प्रधान ओम प्रकाश यादव, धर्मवीर एडवोकेट, जिला पार्षद संतोष कुमार पीटीआई, लावण के सरपंच नरेश, अनिल यादव, डॉ. सुनील भगडाना, धर्मवीर यादव जावा, संदीप यादव सिसोठ, सत्येन्द्र शास्त्री, डॉ. भवानी सिंह पाली, ओंकार सरपंच खेड़ा, मास्टर नरेश निंबाहेड़ा, महेंद्र प्रजापत, करतार सिंह, धर्मपाल और रजनीश सुरजनवास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
