September 8, 2026

Bihar Flood: बिहार में 27 लाख लोग बाढ़ की चपेट में, 6 नदियां उफान पर, 20 से ज्यादा मौतें, गंगा में 10 लोगों से भरी नाव पलटी

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Bihar Flood: बिहार में 27 लाख लोग बाढ़ की चपेट में, 6 नदियां उफान पर, 20 से ज्यादा मौतें, गंगा में 10 लोगों से भरी नाव पलटी

13 जिलों में 27 लाख लोग प्रभावित हैं

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। राज्य के 13 जिलों में करीब 27 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि दूसरे राज्यों में हो रही बारिश का असर भी बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। राज्य की 9 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं और मौसम विभाग ने 8 से 10 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
पटना में पुनपुन नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 9 सेंटीमीटर बढ़ा है। श्रीपालपुर में नदी का पानी खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर है, जबकि दरधा और महतमाईन नदी भी उफान पर हैं।

 

पटना में तटबंध टूटा, रिहायशी इलाकों में घुसा पानी

नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच कई जगह तटबंधों को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को बड़हियाकोल के पास तटबंध करीब 15 फीट तक टूट गया, जिसके बाद नदी का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया। करीब छह जगहों पर रिंग बांध से पानी ओवरफ्लो हो रहा है। इससे दक्षिणी पटना में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।

पटना में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में घटा है। दीघा घाट पर 24 सेंटीमीटर, गांधी घाट पर 17 सेंटीमीटर और हाथीदह में 4 सेंटीमीटर पानी कम हुआ है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। सोमवार को दीघा घाट पर पानी खतरे के निशान से 176 सेंटीमीटर, गांधी घाट पर 172 सेंटीमीटर और हाथीदह में 172 सेंटीमीटर ऊपर था। दीघा घाट पर खतरे का निशान 50.45 मीटर, गांधी घाट पर 48.60 मीटर और हाथीदह में 41.76 मीटर है।

 

कोसी बैराज से लगातार पानी छोड़ा गया

मंगलवार सुबह सुपौल के कोसी बैराज से पानी छोड़ा गया। सुबह 8 बजे 1 लाख 77 हजार 880 क्यूसेक और सुबह 10 बजे 1,65,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नदियों में पहले से बढ़े जलस्तर के बीच बैराज से पानी छोड़े जाने का असर निचले इलाकों पर पड़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।

 

10 लोगों से भरी नाव गंगा में पलटी

भागलपुर के नवगछिया के राघोपुर में सोमवार को 10 लोगों से भरी नाव गंगा नदी में समा गई। नाव में सवार सभी लोग जानवरों के लिए चारा लेने जा रहे थे। नाव छोटी थी और उस पर क्षमता से ज्यादा लोग सवार हो गए थे।
तेज धार के कारण नाव पलट गई और इसके बाद पेड़ से टकरा गई। घटना की सूचना मिलने पर SDRF की टीम मौके पर पहुंची और नाव में सवार सभी 10 लोगों को सुरक्षित बचा लिया।

 

राहत शिविरों में खाना मिल रहा, लेकिन जरूरी सामान की कमी

सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर और मदद पहुंचाने की व्यवस्था का दावा कर रही है, लेकिन कई इलाकों में लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। राहत शिविरों में दोनों वक्त दाल-भात-सब्जी मिल रही है, लेकिन बच्चों के लिए दूध, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड और चेंजिंग रूम तथा मवेशियों के चारे की कमी सामने आई है।

पटना के दीघा मीनार घाट और जेपी गंगा पथ कैंप में भोजन और पानी उपलब्ध है, लेकिन बच्चों के लिए दूध-बिस्कुट और महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड नहीं मिल रहे हैं। मनेर के महिनावा में महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम नहीं है और सोमवार को पशुओं का चारा भी खत्म हो गया।

 

कई जिलों में राहत व्यवस्था पर सवाल

फुलवारी के धनकी में नियमित जांच नहीं होने से बुजुर्ग और गंभीर मरीज परेशान हैं। बाढ़ अनुमंडल के राहत कैंप में बने पांच शौचालयों की सफाई व्यवस्था खराब है।
सारण के सात प्रखंडों के 109 गांवों में 2.12 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। जान टोला, रावल टोला और सीढ़ी घाट में शिशुओं के लिए दूध और महिलाओं के लिए टॉयलेट की समस्या बताई गई है।

 

कहीं पांच रसोइयां चल रहीं, कहीं एक भी शुरू नहीं

समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में 65 सामुदायिक रसोइयों को मंजूरी मिली है, लेकिन धरातल पर केवल पांच रसोइयां चल रही हैं। भागलपुर के नाथनगर के पांच शिविरों में पशुपालक अपने खर्च पर मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम कर रहे हैं।

सीवान में 164 राहत रसोइयां प्रस्तावित हैं, लेकिन जलस्तर बढ़ने के इंतजार में अभी एक भी चालू नहीं हुई है। गोपालगंज और बक्सर के सिमरी में भी कोई स्वीकृत राहत शिविर या रसोई शुरू नहीं हो सकी है। सिमरी में 15 केंद्र हैं, लेकिन सभी बंद हैं।

 

आज छह जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार को बिहार के छह जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

राज्य के बाकी हिस्सों में उमस भरा मौसम रहने का अनुमान है। बिहार में फिलहाल औसत से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले 24 घंटे में किशनगंज समेत कुछ जिलों में बारिश हुई है। पटना में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई।

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