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Chandigarh News: अब बिना बैंक गारंटी मिलेगा मंडी लाइसेंस, वैधता 10 साल तक बढ़ी, सिक्योरिटी जमा की शर्त भी खत्म

Jun 10, 2026 10:27 AM

चंडीगढ़: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में कृषि व्यापार को बढ़ावा देने और कारोबारियों को राहत देने के लिए मंडी लाइसेंसिंग प्रक्रिया को और सरल बना दिया गया है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने राज्य कृषि विपणन बोर्ड, यूटी चंडीगढ़ के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत मंडी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए बैंक गारंटी और नकद सुरक्षा जमा (कैश सिक्योरिटी) की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इस फैसले के बाद राज्य कृषि विपणन बोर्ड, यूटी चंडीगढ़ ने राज्य कृषि विपणन बोर्ड, यूटी चंडीगढ़ द्वारा पंजाब कृषि उपज मंडी नियम, 1962 के नियम 17 और 21 में आवश्यक संशोधन किए हैं। संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब पंजाब कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961 की धारा 10 के तहत लाइसेंस लेने वाले आवेदकों को लाइसेंस जारी करवाते समय बैंक गारंटी या नकद सुरक्षा राशि जमा नहीं करनी होगी।

प्रशासन का मानना है कि इस कदम से व्यापारियों और अन्य हितधारकों पर वित्तीय बोझ कम होगा तथा लाइसेंसिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बनेगी। इसके साथ ही लाइसेंस की वैधता अवधि में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले मंडी लाइसेंस तीन वर्ष के लिए जारी किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया गया है। इससे लाइसेंसधारकों को बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और प्रशासनिक औपचारिकताओं में भी कमी आएगी। प्रशासन के अनुसार इन सुधारों से विनियमित कृषि मंडियों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, नए कारोबारियों की भागीदारी बढ़ेगी और चंडीगढ़ की कृषि विपणन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने हितधारक-अनुकूल सुधारों को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

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