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दिल्ली PG हादसा: मालिक हरिराम बंसल राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया, अब तक 7 मौतें

दिल्ली PG हादसा: मालिक हरिराम बंसल राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया, अब तक 7 मौतें

मालिक हरिराम बंसल राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया

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VVinita Kohli

Delhi PG collapse: दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर गिरी 5 मंजिला PG बिल्डिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हॉस्टल मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। हादसे के बाद सोमवार सुबह रेस्क्यू टीम ने मलबे से एक और शव बरामद किया। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। अब तक 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 5 की हालत गंभीर बताई गई है।

 

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सत्य निकेतन में दोपहर 1:30 बजे ढही इमारत

हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे सत्य निकेतन इलाके में हुआ। यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। करीब 40 साल पुरानी यह 5 मंजिला इमारत PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी। हादसे के बाद रेस्क्यू टीम ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए रेस्क्यू डॉग और कैमरों की मदद से मलबे के अंदर तलाश जारी है।

 

बेसमेंट में 7 दिन से चल रही थी तोड़फोड़

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में पिछले करीब 7 दिनों से तोड़फोड़ का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि बेसमेंट पहले से कमजोर था और उसमें पानी भी भरा हुआ था। लोगों के अनुसार, बेसमेंट में खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया। इसके बाद इमारत का संतुलन बिगड़ा और पूरी 5 मंजिला बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। हादसे के समय वहां काम कर रहे मजदूर भी मलबे में दब गए।

 

MCD रिकॉर्ड में खतरनाक घोषित नहीं थी बिल्डिंग

इस हादसे में एक अहम सवाल इमारत की सुरक्षा को लेकर भी उठ रहा है। दिल्ली नगर निगम यानी MCD के रिकॉर्ड में इस बिल्डिंग को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था। ऐसे में करीब 40 साल पुरानी इमारत के बेसमेंट में चल रहे तोड़फोड़ और खुदाई के काम की निगरानी किस स्तर पर हुई, यह जांच का अहम हिस्सा हो सकता है। खासकर इसलिए क्योंकि बिल्डिंग में PG चल रहा था और उसमें रहने वाले लोगों के साथ मजदूर भी मौजूद थे।

 

मलबे में अभी भी तलाश जारी

हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू टीम मलबे के अंदर संभावित जिंदगी के संकेत तलाशने के लिए कैमरों और प्रशिक्षित रेस्क्यू डॉग का इस्तेमाल कर रही है। 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन 5 की हालत गंभीर बताई गई है। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण बचाव अभियान बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है।

 

हादसे ने PG और पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर सवाल उठाए

सत्य निकेतन जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र किराये के कमरे और PG में रहते हैं। ऐसे में पुरानी इमारतों में बेसमेंट निर्माण, तोड़फोड़ या संरचनात्मक बदलाव के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है। इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस इमारत में लोग रह रहे थे, उसके बेसमेंट में चल रहे काम की अनुमति और उसकी निगरानी किस तरह की गई। जांच के दौरान इन पहलुओं के साथ यह भी सामने आना अहम होगा कि पिलर खिसकने की वजह क्या थी और इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच कब हुई थी।

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