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Rajasthan News: हनुमानगढ़ में भेड़ चराने गए 4 बच्चे, डिग्गी में डूबने से 3 की मौत, एक को ग्रामीणों ने बचाया

Rajasthan News: हनुमानगढ़ में भेड़ चराने गए 4 बच्चे, डिग्गी में डूबने से 2 भाइयों समेत 3 की मौत, एक को ग्रामीणों ने बचाया

हनुमानगढ़ में पानी में डूबने से 3 बच्चों की मौत

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Rajasthan News: हनुमानगढ़ जिले के रावतसर थाना क्षेत्र के बरमसर गांव में रविवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। कुंभाराम आर्य लिफ्ट कैनाल से जुड़ी बीएसआर-11 की सिंचाई वाली पानी की डिग्गी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई शामिल हैं, जबकि एक बच्चे को ग्रामीणों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताया गया कि चार बच्चे रविवार शाम करीब 4 बजे भेड़ चराने निकले थे। इसी दौरान डिग्गी के किनारे एक बच्चे का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। उसे बचाने के लिए बाकी तीन बच्चे भी पानी में कूद गए, लेकिन डिग्गी में पानी गहरा होने और बाहर निकलने का रास्ता नहीं होने के कारण तीन बच्चे डूब गए।

बच्चों के डूबने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने रामचंद्र को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि बजरंग, कंवरपाल और सुनील को भी पानी से बाहर निकाला गया। तीनों की हालत गंभीर थी। ग्रामीण उन्हें तुरंत रावतसर के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई।

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एसपी अस्पताल पहुंचे, परिजनों से मिले

हादसे की जानकारी मिलने पर एसपी बी. आदित्य रावतसर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली और सकुशल बाहर निकाले गए बच्चे से भी मुलाकात की। एसपी ने मृत बच्चों के परिजनों से मिलकर घटना की जानकारी ली। इस दौरान रावतसर सीओ विक्रम चौहान और थानाधिकारी अजय कुमार भी उनके साथ मौजूद रहे।

 

एसपी बी. आदित्य के अनुसार, बरमसर गांव के चार बच्चे रामचंद्र (14) पुत्र सीताराम गोस्वामी, बजरंग (18), उसका भाई कंवरपाल (15) पुत्र श्योनारायण गोस्वामी और सुनील (14) पुत्र जयपाल गोस्वामी रविवार शाम भेड़ चराने गए थे। इसी दौरान चारों बीएसआर-11 की सिंचाई वाली पानी की डिग्गी के किनारे पहुंच गए। पैर फिसलने से एक बच्चा पानी में गिर गया। उसे बचाने की कोशिश में बाकी तीनों भी डिग्गी में उतर गए और हादसा हो गया।

 

दो सगे भाइयों और सुनील की मौत से गांव में मातम

रावतसर थानाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले बजरंग और कंवरपाल सगे भाई थे। दोनों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिवार में तीन बहनें रह गई हैं।

वहीं सुनील सात बहनों का इकलौता भाई था। तीन किशोरों की एक साथ मौत की खबर से बरमसर गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार और ग्रामीण हादसे से सदमे में हैं।

 

डिग्गियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

तीन बच्चों की मौत के बाद खेतों और नहरों से जुड़ी खुली पानी की डिग्गियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को अक्सर पशु चराने के लिए खेतों की तरफ भेजा जाता है, लेकिन कई बड़ी डिग्गियों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते।

ग्रामीणों के मुताबिक कई जगह डिग्गियों के किनारे न तो सुरक्षा बाड़ लगी है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ऐसे में बच्चों और पशुओं के लिए खुले पानी के ये स्रोत जोखिम बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जिले में खुली डिग्गियों में डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

यह हादसा एक बार फिर बताता है कि खेतों और सिंचाई क्षेत्रों में खुले पानी के स्रोतों के आसपास सुरक्षा इंतजाम कितने जरूरी हैं। खासकर उन जगहों पर जहां बच्चे और पशुपालक नियमित रूप से आते-जाते हैं, वहां सुरक्षा बाड़ और स्पष्ट चेतावनी संकेत हादसे का खतरा कम कर सकते हैं।

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