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फरीदाबाद-सोहना फोरलेन: जर्जर रास्तों से मिलेगी मुक्ति, अगले महीने से शुरू होगा 15 किमी सड़क का काम

Apr 22, 2026 12:39 PM

फरीदाबाद। फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच आवागमन करने वालों के लिए बल्लभगढ़-सोहना मार्ग किसी 'दुस्वप्न' से कम नहीं था, लेकिन अब इस रूट की तकदीर बदलने वाली है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बल्लभगढ़ से समयपुर और सिमरथला होते हुए सोहना तक फोरलेन सड़क बनाने का मास्टरप्लान तैयार कर लिया है। वर्तमान में यह मार्ग इतना जर्जर है कि यहाँ सड़क कम और गहरे गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। धूल के गुबार और बारिश में होने वाले जलभराव ने इस रूट को हादसों का अड्डा बना दिया था, लेकिन अब फोरलेन बनने से यहाँ का पूरा नजारा बदल जाएगा।

जर्जर रास्तों और हादसों से मिलेगा छुटकारा: 15 किमी का नया कॉरिडोर

करीब 15 किलोमीटर लंबा यह प्रस्तावित मार्ग बल्लभगढ़ को सीधे गुरुग्राम के निमोठ गांव से जोड़ेगा। फिलहाल इस रूट का इस्तेमाल करने वाले स्कूल-कॉलेज के छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बल्लभगढ़-पाली-धौज और फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर ट्रैफिक का दबाव इतना ज्यादा रहता है कि पीक आवर्स के दौरान मिनटों का सफर घंटों में तब्दील हो जाता है। नई फोरलेन सड़क तैयार होने के बाद ट्रैफिक का दबाव बंट जाएगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।

गुणवत्ता से समझौता नहीं: PWD ने कसी कमर

पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता प्रकाश ने बताया कि प्रोजेक्ट को लेकर औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और निर्माण एजेंसी को कार्यभार सौंप दिया गया है। विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि काम की गुणवत्ता में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। चूंकि यह इलाका आने वाले समय में बड़े औद्योगिक और रिहायशी हब के रूप में विकसित हो रहा है, इसलिए भविष्य के ट्रैफिक लोड को देखते हुए ही इसे फोरलेन के रूप में डिजाइन किया गया है। अगले महीने यानी मई से मशीनों की गड़गड़ाहट के साथ काम शुरू होने की पूरी संभावना है।

कनेक्टिविटी का नया हब बनेगा सिमरथला-समयपुर बेल्ट

इस सड़क के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि समयपुर और सिमरथला जैसे ग्रामीण अंचलों में विकास की नई धारा बहेगी। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की वजह से इस बेल्ट में प्रॉपर्टी के दामों में उछाल आने और नए व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुलने की उम्मीद भी जताई जा रही है। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे दो बड़े महानगरों के बीच यह सड़क एक 'लाइफलाइन' का काम करेगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी।

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