प्रॉपर्टी खरीदारों की चांदी: HSVP के नए पोर्टल पर बिना कमीशन होगा सौदा, धोखाधड़ी का खतरा खत्म
Apr 22, 2026 1:22 PM
हरियाणा। हरियाणा के रियल एस्टेट बाजार में अब निवेशकों और आम खरीदारों को धोखाधड़ी का डर नहीं सताएगा। करोड़ों रुपये की गाढ़ी कमाई लगाकर घर या प्लॉट खरीदने वालों के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) एक अभेद्य सुरक्षा कवच लेकर आया है। प्राधिकरण ने एक खास ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जो खरीदार और विक्रेता के बीच एक पारदर्शी और विश्वसनीय पुल का काम करेगा। अक्सर देखा जाता है कि प्रॉपर्टी डीलर विवादित या जाली दस्तावेजों वाली जमीनें बेचकर गायब हो जाते हैं, लेकिन अब इस पोर्टल पर केवल वही संपत्तियां सूचीबद्ध होंगी जिनकी जांच एचएसवीपी खुद कर चुका है।
न ब्रोकर का चक्कर, न कमीशन की मार: सीधे होगा सौदा
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें किसी भी तीसरे पक्ष यानी 'मिडलमैन' की कोई भूमिका नहीं होगी। आमतौर पर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में खरीदार और विक्रेता दोनों को ही डीलरों को मोटी कमीशन राशि देनी पड़ती थी, लेकिन अब यह लेनदेन पूरी तरह 'ब्रोकरेज फ्री' होगा। पोर्टल पर फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टीज को सूचीबद्ध किया गया है, जिसका मतलब है कि मालिकाना हक को लेकर कोई संशय नहीं रहेगा। विक्रेता को ई-नीलामी (e-Auction) के जरिए अपनी संपत्ति की सही और बाजार के अनुसार प्रतिस्पर्धी कीमत मिलने का पूरा मौका मिलेगा।
पंचकूला से रोहतक तक बिछेगा नेटवर्क: 30 अप्रैल को लगेगी बोली
एचएसवीपी ने इस सुविधा की शुरुआत प्रदेश के महत्वपूर्ण शहरी केंद्रों से की है। पंचकूला के साथ-साथ अब गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक के निवासी भी इस सुरक्षित प्लेटफॉर्म का लाभ उठा सकेंगे। प्राधिकरण के अनुसार, इस पोर्टल पर सूचीबद्ध संपत्तियों की ई-नीलामी आगामी 30 अप्रैल 2026 को तय की गई है। नीलामी की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगी। यह प्रणाली न केवल समय बचाएगी बल्कि प्रॉपर्टी बाजार में पारदर्शिता के नए मानक भी स्थापित करेगी।
पंजीकरण की अंतिम तिथि: 29 अप्रैल तक का समय
जो लोग इस पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए अपना आशियाना या व्यावसायिक स्थल खरीदना चाहते हैं, उन्हें 29 अप्रैल 2026 तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य होगा। यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क है। पंजीकरण के बाद खरीदार उन सभी संपत्तियों का विवरण देख सकेंगे जो नीलामी के लिए उपलब्ध हैं। एचएसवीपी का दावा है कि इस पहल से शहरी क्षेत्रों में संपत्ति के लेनदेन का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और आम आदमी खुद को सुरक्षित महसूस करेगा।