Faridkot News: चंडीगढ़ की जीत के बाद अब फिरोजपुर के फ्रांसिस न्यूटन अस्पताल को बचाने की पुकार
Mar 25, 2026 1:41 PM
चंडीगढ़/फिरोजपुर: चंडीगढ़ में ईसाई कब्रिस्तानों के लाखों रुपये के पानी के बिल माफ करवाकर ऐतिहासिक सफलता हासिल करने वाली एकजुटता ने अब फिरोजपुर के ऐतिहासिक फ्रांसिस न्यूटन अस्पताल के पुनरुद्धार की नई उम्मीद जगा दी है। चंडीगढ़ में समुदाय की राजनीतिक पहुंच और एकता का लोहा मनवाने वाले 'योद्धाओं' से अब अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर्स और पूर्व छात्रों (एलुमनाई) ने मदद की गुहार लगाई है।
₹54 लाख का बकाया-सेवा की राह में सबसे बड़ी बाधा
फिरोजपुर का वह अस्पताल जो कभी पूरे इलाके के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की लाइफलाइन हुआ करता था, आज ₹54 लाख के भारी-भरकम बिजली बिल के नीचे दबा हुआ है। सालों की प्रशासनिक अनदेखी और वित्तीय बोझ ने इस गौरवशाली संस्थान को बंदी की कगार पर पहुंचा दिया है। 60 साल पुराने 'एलुमनाई' (पुराने छात्रों और सदस्यों) ने अब अस्पताल को फिर से जीवित करने का बीड़ा उठाया है।
चंडीगढ़ के नेतृत्व से खास अपील
अस्पताल के शुभचिंतकों ने चंडीगढ़ की टीम के प्रमुख सदस्यों-रेवरेंड राजन शारदा, ग्लैडविन हार्डी, आइज़ैक नैयर व सैमुअल शफीक से अनुरोध किया है कि वे अपनी कीमती सेवाएं फिरोजपुर के लिए भी दें। "जैसे चंडीगढ़ में एकजुटता ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया, वैसे ही आज समय की मांग है कि सरकार और संबंधित विभागों से संपर्क कर इस अस्पताल का बिजली बिल एक बार माफ कराया जाए। यदि यह बोझ हटता है, तो प्रभु की इच्छा से यह संस्थान फिर से गरीबों की सेवा कर सकेगा।”
एक मज़बूत कदम और सुनहरी उम्मीद
आज समूह पूर्व छात्रों (एलुमनाई) व कम्युनिटी प्रार्थना कर रही है कि चंडीगढ़ की टीम और फिरोजपुर के एलुमनाई की साझा कोशिशों से फ्रांसिस न्यूटन अस्पताल की 'चमकती किरण' एक बार फिर पूरे क्षेत्र को रोशन करेगी। लक्ष्य स्पष्ट है-ताकि गरीबों को एक बार फिर मुफ्त और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।