गुरुग्राम: गुरुग्राम में पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने आज यानी शनिवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर किया। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा बदमाश भागते समय गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, यह तीनों आरोपी टोल प्लाजा पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस टीम आरोपियों को हथियारों की बरामदगी के लिए अलग-अलग स्थानों पर लेकर गई थी। इसी क्रम में आरोपी विनय को गुरुग्राम के पुराना बहरामपुर गांव के पहाड़ी इलाके में ले जाया गया, जहां उसने पहले से छुपाकर रखे एक लोडेड हथियार के बारे में जानकारी दी थी। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, विनय ने अचानक उसी हथियार से पुलिस पर फायरिंग कर दी। बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण पुलिस टीम में शामिल एएसआई मनमोहन बाल-बाल बच गए।


पुलिस पर अचानक फायरिंग

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अवैध हथियारों के बारे में अहम जानकारी दी। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों को हथियारों की बरामदगी के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाने की योजना बनाई। आरोपी विनय ने खुलासा किया था कि उसने पुराना बहरामपुर गांव के पहाड़ी इलाके में एक लोडेड हथियार छुपा रखा है। जैसे ही पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची, आरोपी विनय ने मौके का फायदा उठाते हुए वहां छुपाए गए हथियार को निकाल लिया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। फायर की गई गोली पुलिस टीम में शामिल एएसआई मनमोहन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई।



जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हालात को काबू में करने के लिए पहले आरोपी को आत्मसमर्पण करने और हथियार डालने की चेतावनी दी गई। जब आरोपी ने फायरिंग जारी रखी, तब पुलिस ने वार्निंग फायर किया और उसके बाद आत्मरक्षा में गोली चलाई। इस कार्रवाई में एक गोली आरोपी विनय के दाएं पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।



भागने की कोशिश में दूसरे आरोपी का पैर टूटा

दूसरे आरोपी बॉबी को हथियार बरामदगी के लिए भौंडसी क्षेत्र में ले जाया गया था। वहां से वह पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन दौड़ते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से उसके पैर में गंभीर चोट आई और पैर टूट गया। पुलिस ने तुरंत उसे काबू में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।



पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि एएसआई मनमोहन ने बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी होती, तो गोली सीधे उन्हें लग सकती थी और जान का खतरा पैदा हो सकता था। पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।



तीसरा आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी

तीसरा आरोपी पवन फिलहाल पुलिस हिरासत में है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों, हथियारों के नेटवर्क और वारदात की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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