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Haryana Employees Relief: हरियाणा के कर्मचारियों को बड़ी राहत, मेडिकल क्लेम के लिए आश्रितों की आय सीमा बढ़ी

Haryana Employees Relief: हरियाणा के कर्मचारियों को बड़ी राहत, मेडिकल क्लेम के लिए आश्रितों की आय सीमा बढ़ी

हरियाणा के कर्मचारियों को बड़ी राहत

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GGaganpreet Kaur

Haryana Employees Relief: हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइंबर्समेंट) के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आश्रितों की मासिक आय सीमा को करीब ढाई गुना बढ़ा दिया है। नए प्रावधानों के तहत अब ₹9000 प्रति माह तक की आय वाले आश्रित भी मुफ्त चिकित्सा और क्लेम की सुविधा के पात्र होंगे। इससे पहले तक यह सीमा महज ₹3500 निर्धारित थी, जिसके चलते एक बड़ी आबादी चाहकर भी इस सरकारी सुविधा का लाभ उठाने से वंचित रह जाती थी।

19 साल पुराने नियम में हुआ बदलाव, महंगाई को माना मुख्य आधार

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, आखिरी बार इस आय सीमा का निर्धारण साल 2007 में किया गया था। सरकार का मानना है कि पिछले दो दशकों में महंगाई और इलाज के खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में ₹3500 की पुरानी सीमा पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुकी थी और कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। इसी विसंगति को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इस सीमा को व्यावहारिक बनाने का कदम उठाया है।

वित्त विभाग की हरी झंडी के बाद आदेश जारी

इस कल्याणकारी फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और वित्त विभाग के बीच लंबे समय से मंथन चल रहा था। वित्त विभाग ने बीती 26 जून को इस प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी प्रदान की, जिसके बाद अब संशोधित आदेश जारी कर दिए गए हैं। नए नियमों के लागू होने से अब उन बुजुर्ग माता-पिता या आश्रितों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा, जिन्हें मामूली पेंशन या अन्य स्रोतों से बेहद कम आमदनी होती थी और वे तकनीकी कारणों से मेडिकल क्लेम के दायरे से बाहर हो जाते थे।

सभी विभागों को भेजी गई नई गाइडलाइन

प्रशासनिक स्तर पर इस फैसले को तुरंत प्रभावी बनाने के लिए नए आदेश की प्रतियां राज्य के सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों (कमिश्नर्स), जिला उपायुक्तों (DC), पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार, महालेखाकार (AG) तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं। सरकार के इस कदम का कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स एसोसिएशनों ने पुरजोर स्वागत किया है और इसे वक्त की जरूरत बताया है।

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