Haryana News: हरियाणा में विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी! अब इलेक्ट्रिक बसों में करें फ्री सफर

हरियाणा में विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी! अब इलेक्ट्रिक बसों में करें फ्री सफर
Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं और विद्यार्थियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अंबाला शहर और छावनी क्षेत्र में चलाई जा रही ग्रीन इलेक्ट्रिक (ई-बस) बसों में अब सभी श्रेणियों के छात्र-छात्राओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही है। सरकार के इस कदम का न केवल विद्यार्थियों ने, बल्कि रोजाना अपने बच्चों को बस से स्कूल-कॉलेज भेजने वाले अभिभावकों ने भी दिल खोलकर स्वागत किया है।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण मुक्त हरियाली की दिशा में चलाई जा रही इन वातानुकूलित (AC) ई-बसों में इस सुविधा के शुरू होने से रोजाना का सफर करने वाले छात्रों को जेब खर्च की चिंता से मुक्ति मिल गई है।
अंछावनी बस अड्डे से जारी हुए स्पष्ट निर्देश
अंबाला छावनी बस अड्डा इंचार्ज के अनुसार, वर्तमान में अंबाला के विभिन्न लोकल रूटों पर लगभग 25 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों में औसतन 5 से 6 हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या स्कूल, कॉलेज और अन्य तकनीकी या कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की होती है।
मुख्यालय और रोडवेज के मुख्य महाप्रबंधक (GM) की ओर से जारी आदेशों के बाद सभी ई-बस चालकों और परिचालकों (कंडक्टरों) को स्पष्ट हिदायत दे दी गई है कि वैध पहचान पत्र या बस पास दिखाने वाले विद्यार्थियों से कोई किराया न वसूला जाए।
AC बसों में आरामदायक सफर, कंडक्टर भी कर रहे जागरूक
ई-बस में तैनात एक कंडक्टर ने बातचीत में बताया कि मुख्यालय के निर्देश मिलते ही इसे तुरंत लागू कर दिया गया है। जब भी कोई छात्र बस में चढ़ता है, तो उसे इस योजना के बारे में जानकारी दी जाती है। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में पूरी तरह वातानुकूलित इन बसों में छात्रों को सुकून भरा और आरामदायक सफर मिल रहा है।
“रोजाना कॉलेज आने-जाने में एक बड़ा बजट किराए में चला जाता था। सरकार के इस फैसले से हम जैसे हजारों छात्रों को बहुत बड़ी आर्थिक मदद मिली है। बसें वातानुकूलित हैं, जिससे सफर की थकान भी नहीं होती।”
— एक स्थानीय कॉलेज छात्र, अंबाला
अभिभावकों पर कम होगा आर्थिक बोझ
स्थानीय यात्रियों और अभिभावकों ने भी सरकार की इस जनहितैषी पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि महंगाई के दौर में जब हर महीने पढ़ाई और यातायात का खर्च बढ़ता जा रहा था, तब यह फैसला परिवारों के बजट को राहत देने वाला साबित होगा।
विशेषकर ग्रामीण इलाकों या शहर के दूर-दराज के हिस्सों से अंबाला छावनी और शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह योजना बेहद उपयोगी साबित हो रही है।
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