Narnaul News: नारनौल बाबा रामेश्वरदास मंदिर से प्राचीन आदमकद प्रतिमा गायब, श्रद्धालुओं को बाहर निकालकर बंद किए गेट

नारनौल बाबा रामेश्वरदास मंदिर से प्राचीन आदमकद प्रतिमा गायब, श्रद्धालुओं को बाहर निकालकर बंद किए गेट
Narnaul News: हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित महेंद्रगढ़ जिले के गांव ब्राह्मणवास नौ में आस्था के प्रमुख केंद्र बाबा रामेश्वरदास मंदिर से अचानक प्राचीन आदमकद प्रतिमा गायब होने से इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद राजस्थान और हरियाणा के लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। मामले में नया मोड़ तब आया जब चोरी और साजिश का आरोप किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि मंदिर ट्रस्ट के ही पदाधिकारियों पर लगा।
बाबा रामेश्वरदास ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता की लिखित शिकायत के आधार पर निजामपुर थाना पुलिस ने ट्रस्ट के प्रधान समेत छह नामजद व्यक्तियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है।
गेट बंद कर श्रद्धालुओं को बाहर निकाला, फिर वाहन से ले गए प्रतिमा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीते 2 सितंबर को एक सोची-समझी साजिश के तहत मंदिर के सभी मुख्य दरवाजे अचानक बंद कर दिए गए। इसके बाद परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को बाहर निकालकर समाधि स्थल पर लगी प्राचीन आदमकद प्रतिमा को उखाड़ दिया गया और उसे एक वाहन में भरकर कहीं ले जाया गया।
इस घटना की जानकारी जैसे ही फैली, श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का कहना है कि बाबा रामेश्वरदास के इस ऐतिहासिक धाम से सदियों पुरानी आस्था जुड़ी है और बिना किसी सूचना के इस तरह प्रतिमा हटाना सरासर गलत है।
बैठक में हुआ था प्रस्ताव का विरोध, फिर भी रचा गया षड्यंत्र
उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने पुलिस को बताया कि प्रतिमा बदलने का प्रस्ताव नया नहीं है। बीते 3 अगस्त 2026 को हुई ट्रस्ट की आधिकारिक बैठक में भी यह मुद्दा उठा था, लेकिन तब अधिकांश ट्रस्टियों और स्थानीय सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए खारिज कर दिया था।
आरोप है कि इसके बावजूद ट्रस्ट के प्रधान और उनके सहयोगियों ने श्रद्धालुओं व अन्य ट्रस्टियों की सहमति के बिना मनमाने तरीके से इस साजिश को अंजाम दिया।
पुलिस बल के साथ पहुंचे एसआई, समाधि स्थल मिला खाली
मामले की सूचना मिलते ही उप-निरीक्षक (एसआई) विजेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर निरीक्षण के दौरान बाबा रामेश्वरदास की समाधि स्थल पर लगी प्राचीन आदमकद प्रतिमा गायब पाई गई।
इसके बाद उपाध्यक्ष की शिकायत पर निजामपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(D), 298, 299 और 61(2) समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
इन रसूखदारों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, जिन लोगों को नामजद किया गया है उनमें शामिल हैं:
सुरेश केडिया (प्रधान, निवासी जयपुर)
सागरमल शर्मा (निवासी दिल्ली)
हनुमान भारद्वाज (निवासी पालम, दिल्ली)
हरदयान (निवासी खरखड़ा-पाटन)
नरेंद्र जांगड़ा (निवासी बसई)
नाथजोगी (निवासी नांगलिया)
इनके अलावा कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी इस षड्यंत्र में शामिल बताया गया है।
“ट्रस्ट के उपप्रधान की शिकायत पर 5-6 नामजद और अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मौके के साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— धर्मसिंह, थाना प्रभारी, निजामपुर
प्रधान ने बनाई दूरी, नहीं दिया कोई जवाब
इस पूरे घटनाक्रम में अपना पक्ष जानने के लिए जयपुर निवासी ट्रस्ट के प्रधान सुरेश केडिया से उनके दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इलाके में फिलहाल स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।
