Panipat News: हरियाणा के 13 जिलों में पेट्रोल-डीजल सप्लाई ठप, IOCL के खिलाफ पेट्रोलियम डीलर्स का ‘नो परचेज’ आंदोलन

हरियाणा के 13 जिलों में पेट्रोल-डीजल सप्लाई ठप, IOCL के खिलाफ पेट्रोलियम डीलर्स का 'नो परचेज' आंदोलन
Panipat News: हरियाणा में पेट्रोल-डीजल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (AHPDA) के प्रांतीय आह्वान पर पानीपत मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स (PMC) से जुड़े प्रदेश के 13 जिलों के पेट्रोलियम डीलर्स ने सोमवार को पूरी एकजुटता दिखाते हुए ‘नो परचेज’ आंदोलन में हिस्सा लिया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव (पप्पू यादव) की अगुवाई में चले इस एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन के कारण रिफाइनरी से तेल कंपनियों के पेट्रोल और डीजल की खरीद पूरी तरह ठप रही, जिससे आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है।
रिफाइनरी गेट और मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स के बाहर सुबह से ही डीलर्स, ट्रांसपोर्टर और ड्राइवरों का जमावड़ा देखा गया। आंदोलन के अप्रत्याशित रूप से सफल रहने पर संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश भर के सभी जिला प्रधानों, पेट्रोल पंप संचालकों, ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवर भाइयों का आभार व्यक्त किया है। डीलर्स का कहना है कि यह लड़ाई केवल किसी एक जिले की नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा के पेट्रोलियम व्यवसाय से जुड़े हितधारकों के अस्तित्व और उनके रोजगार की रक्षा की है।
200 KL की शर्त और कॉन्सोर्टियम पार्टनरशिप पर पेंच: क्या हैं डीलर्स की प्रमुख मांगें?
पेट्रोलियम डीलर्स लंबे समय से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) द्वारा जारी पानीपत ईओआई (EOI) के नियमों में बदलाव की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। डीलर्स की पहली और सबसे बड़ी मांग यह है कि ईओआई में लागू की गई 200 किलोलीटर (KL) की अव्यवहारिक और कड़ी शर्त को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। डीलर्स का तर्क है कि इस शर्त के कारण छोटे और मध्यम स्तर के पंप संचालकों तथा ट्रांसपोर्टरों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इसके अलावा एसोसिएशन ने यह मांग भी मजबूती से उठाई है कि एक टैंक ट्रक पर दो कॉन्सोर्टियम पार्टनर्स को काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए। डीलर्स का कहना है कि इस बदलाव से ईंधन परिवहन व्यवस्था अधिक व्यावहारिक, सुगम और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनेगी। इससे तेल आपूर्ति श्रृंखला में आ रही ढांचागत अड़चनें दूर होंगी और ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ आम जनता को भी निर्वाध सेवाएं मिल सकेंगी।
11 सितंबर के वादे से मुकरने पर भड़का गुस्सा: मांगें न मानने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने खुलासा किया कि अपनी जायज मांगों को लेकर वे IOCL के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कर चुके हैं और कई पत्र भी सौंपे गए हैं। हाल ही में बीते 11 सितंबर को पानीपत मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों ने सभी मुद्दों को ध्यान से सुनते हुए जल्द सकारात्मक संशोधन (Corrigendum) जारी करने का भरोसा दिया था। हालांकि, दी गई समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुआ, तो मजबूर होकर डीलर्स को 14 सितंबर को ‘नो परचेज’ जैसा कड़ा कदम उठाना पड़ा।
AHPDA हरियाणा ने IOCL प्रबंधन से दोटूक शब्दों में अपील की है कि वे डीलर्स के न्यायसंगत हितों और व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मांगों पर तत्काल सकारात्मक फैसला लें और आवश्यक संशोधन जारी करें। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में एसोसिएशन अपने सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसा बड़ा कदम उठाने को मजबूर होगी।
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