Haryana Safai Karamchari Strike: 30वें दिन सामूहिक मुंडन कराकर भड़के सफाई कर्मी, 6 सितंबर को सीएम रैली में विरोध की चेतावनी

30वें दिन सामूहिक मुंडन कराकर भड़के सफाई कर्मी, 6 सितंबर को सीएम रैली में विरोध की चेतावनी
Haryana Safai Karamchari Strike: हरियाणा में अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कच्चे कर्मचारियों और सफाई कर्मियों का आंदोलन दिन-ब-दिन उग्र रूप धारण करता जा रहा है। अनिश्चितकालीन हड़ताल के 30वें दिन शुक्रवार को आंदोलनकारी कर्मचारियों ने सरकार की हटधर्मिता के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए सामूहिक मुंडन करवाया। भिवानी समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार वादों और समझौतों से मुकर कर कर्मचारी विरोधी नीतियों पर काम कर रही है।
मुंडन करवा रहे सफाई कर्मियों का कहना था कि हिंदू परंपरा में मुंडन किसी के न रहने पर शोक स्वरूप कराया जाता है। आज मुंडन कराकर वे सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके लिए इस सरकार की संवेदनाएं और नीतियां पूरी तरह मृतप्राय हो चुकी हैं। हड़ताल के चलते पूरे भिवानी शहर और आसपास के इलाकों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आम जनता को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
‘उद्योगपतियों के कर्ज माफ, गरीबों को पक्का करने में तंगी’— कर्मचारी संघ का सीधा हमला
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि “बीती 13 मई को सरकार के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता में 22 में से 17 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में सरकार अपने ही वादों से साफ मुकर गई। अब हक मांगने पर गरीब कर्मचारियों पर झूठी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, उन्हें सस्पेंड कर जेलों में ठूंसा जा रहा है।”
दानव ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज चुटकी में माफ कर देती है, वहीं दूसरी ओर दिन-रात शहर की गंदगी साफ करने वाले गरीब सफाई कर्मचारियों और सीवरमेनों को पक्का करने के नाम पर खजाना खाली होने का रोना रोया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 22 सूत्रीय मांगों का समाधान कर औपचारिक पत्र जारी नहीं किया गया तो 6 सितंबर को भवानीखेड़ा में मुख्यमंत्री की रैली के दौरान कर्मचारी अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
‘पुलिस से सफाई का ड्रामा तो हो सकता है, शहर की स्थाई सफाई नहीं’
धरना स्थल पर कर्मचारियों का समर्थन करने पहुंचे पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता डॉ. शिव शंकर भारद्वाज और कर्मचारी नेता कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी तरह से जिद्दी रवैये पर अड़ी हुई है। सरकार की नीति यही है कि कर्मचारियों को जिंदगी भर कच्चा रखा जाए ताकि उनसे कम वेतन में बिना किसी पेंशन या सामाजिक सुरक्षा के काम लिया जा सके।
शहर में पुलिस बल के जरिए कराई जा रही सफाई पर चुटकी लेते हुए नेताओं ने कहा कि “सरकार को लगता है कि वह पुलिस से झाड़ू उठवाकर हड़ताल को दबा देगी। पुलिस से दो-तीन दिन का ड्रामा तो कराया जा सकता है, लेकिन शहर की स्थाई सफाई व्यवस्था ऐसे नहीं चल सकती।” कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और निलंबन रद्द कर कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता, उनका यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
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