Yamunanagar News: 10 मिनट लेट होने पर प्रिंसिपल ने फाड़ा छात्र के कान का पर्दा, यमुनानगर में 35 दिन बाद FIR दर्ज

10 मिनट लेट होने पर प्रिंसिपल ने फाड़ा छात्र के कान का पर्दा
Yamunanagar News: हरियाणा के यमुनानगर स्थित जगाधरी के एक सरकारी स्कूल में छात्र के साथ मारपीट का मामला अब पुलिसिया कार्रवाई तक पहुंच गया है। 11वीं कक्षा के छात्र और कुश्ती खिलाड़ी कृष्णा की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने घटना के करीब 35 दिन बाद स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि स्कूल में महज 10 मिनट देरी से आने पर सजा देने के दौरान थप्पड़ मारे गए, जिससे छात्र के एक कान का पर्दा फट गया और उसकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो गई।
पीड़ित छात्र कृष्णा कोई साधारण छात्र नहीं, बल्कि खेल महाकुंभ में कुश्ती का स्वर्ण पदक विजेता (गोल्ड मेडलिस्ट) है। परिजनों का आरोप है कि कान में गंभीर चोट लगने के कारण डॉक्टरों ने उसे खेल से दूर रहने की सलाह दी है, जिसकी वजह से वह राज्य स्तरीय महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से वंचित रह गया।
10 मिनट की देरी पर कहा- मैदान की सफाई करो, इनकार करने पर बरसाए थप्पड़
जगाधरी के प्रेमनगर निवासी शशिधर के मुताबिक, उनका बेटा कृष्णा गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ता है। बीते 30 जुलाई को सुबह 8 बजे के स्कूल समय के मुकाबले कृष्णा लगभग 8:10 बजे स्कूल पहुंचा था। परिजनों का दावा है कि 10 मिनट की देरी होने पर गुस्से में आए प्रिंसिपल ने कृष्णा को ग्राउंड से कचरा उठाने और सफाई करने की सजा दी। जब छात्र ने इस काम से इनकार किया, तो आरोप है कि प्रिंसिपल ने आपा खो दिया और उसके कानों पर 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए।
घर लौटने के बाद जब दर्द से तड़प रहे कृष्णा ने पूरी आपबीती अपनी मां को बताई, तो परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टरी जांच में पुष्टि हुई कि कान पर तेज प्रभाव पड़ने के कारण अंदर का पर्दा फट गया है। घटना के बाद परिजन स्कूल शिकायत लेकर पहुंचे थे, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने थाने का रुख किया। उस समय स्कूल प्रबंधन की ओर से भी परिजनों पर परिसर में आकर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी गई थी।
करियर पर लगा ब्रेक: 4 अगस्त का महत्वपूर्ण टूर्नामेंट छूटा
कृष्णा लगातार कुश्ती का अभ्यास कर रहा था और भविष्य की प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटा था। परिजनों ने कहा कि कान का पर्दा फटने से न केवल उसकी सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा है, बल्कि उसके खेल करियर पर भी बड़ा असर पड़ा है। 4 अगस्त को स्कूल स्तर की बड़ी कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित होनी थी, लेकिन कान में गंभीर चोट होने के कारण डॉक्टरों ने उसे ब्रेक लेने की सख्त हिदायत दी और वह मैच खेलने से चूक गया।
35 दिन की जद्दोजहद के बाद FIR दर्ज, जानिए किन धाराओं में हुआ केस
घटना के 35 दिन बीत जाने के बाद जगाधरी सिटी थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2015 की धारा 75 (बच्चे के प्रति क्रूरता) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
हालांकि, FIR में प्रिंसिपल का नाम न लिखकर केवल उनका पद ‘प्रिंसिपल’ लिखा गया है। जगाधरी सिटी थाना प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले में निष्पक्षता से तफ्तीश कर रही है। छात्र की मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार बनाकर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह भी पढ़ें– यमुनानगर मर्डर केस, गोदारा गैंग ने ली फाइनेंसर की हत्या की जिम्मेदारी, पूर्व MLA के करीबियों को दी धमकी
