Haryana Weather: हरियाणा में 7 से 12 सितंबर तक बारिश के आसार, जानें आपके जिले का हाल

हरियाणा में 7 से 12 सितंबर तक बारिश के आसार
Haryana Weather: हरियाणा में मानसून की वापसी से पहले मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने 7 से 12 सितंबर तक पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। शुरुआती दिनों यानी 7 से 10 सितंबर के दौरान कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ेंगी। वहीं सप्ताह के अंत में 11 और 12 सितंबर को मानसूनी हवाएं एक बार फिर रफ्तार पकड़ेंगी, जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।
आज इन 11 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें
सोमवार को प्रदेश के उत्तरी और एनसीआर (NCR) से सटे हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी हल्की बूंदाबांदी का माहौल बना रहेगा।
11 सितंबर से फिर पकड़ेगा जोर, मिलेगी उमस से राहत
11 और 12 सितंबर को मानसून की सक्रियता में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। इस दौरान प्रदेश के बहुतायत इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और मेघगर्जन के साथ बारिश का अलर्ट रहेगा। बारिश के इस दौर से दिन के पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे पिछले कुछ दिनों से चिपचिपी उमस झेल रहे लोगों को राहत मिलने के आसार हैं। शनिवार को औसत अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस का मामूली उछाल देखा गया था।
हिसार सबसे गर्म, पलवल में बरसे झमाझम बादल
बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पलवल जिले में सबसे ज्यादा 40.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा करनाल के इंद्री और रोहतक के कैनाल रेस्ट हाउस एरिया में 2-2 मिमी तथा पानीपत के उझा में 1.5 मिमी पानी गिरा। दूसरी ओर, प्रदेश का अधिकांश हिस्सा शुष्क बना रहा। तापमान के लिहाज से हिसार 35.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रहा। चंडीगढ़ और सिरसा में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री, अंबाला में 33.8 डिग्री, पंचकूला में 32.8 डिग्री, रोहतक में 31.4 डिग्री और करनाल में 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों और आम लोगों के लिए चेतावनी
खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनमानस के लिए एडवाइजरी जारी की है। चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या लोहे के खंभों के पास न खड़े होने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही किसानों को हिदायत दी गई है कि वे मौसम की अद्यतन जानकारी और पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही अपनी फसलों में सिंचाई व कीटनाशक छिड़काव का काम करें।
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