Himachal Pradesh news: हिमाचल प्रदेश की राजनीति से मंगलवार सुबह दुखद खबर सामने आई। रामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक और सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 5 बजे शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 72 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। नंद लाल के निधन से रामपुर बुशहर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को ही चमियाना अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी और स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। इसके अगले दिन उनके निधन की खबर आई। नंद लाल की पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए कांग्रेस कार्यालय लाया गया, जहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव देह रामपुर ले जाई गई। बुधवार को उनके पैतृक गांव देवठी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। वह अपने पीछे पत्नी, बेटा-बहू और सात साल के पोते को छोड़ गए हैं।
2007 में पहली बार बने विधायक, लगातार चार चुनाव जीते
नंद लाल रामपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार विधायक चुने गए। उन्होंने वर्ष 2007 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2012, 2017 और 2022 के चुनावों में भी जीत दर्ज की। चारों चुनावों में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की। उन्हें हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का करीबी माना जाता था। 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी गांव में जन्मे नंद लाल के पिता का नाम प्यारे लाल था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से वर्ष 1976 में राजनीति विज्ञान में एमए किया था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने सुरक्षा बलों में लंबा समय बिताया।
नंद लाल ने राजनीतिक जीवन शुरू करने से पहले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में सेवाएं दी थीं। वह ITBP के कमांडो दस्ते में शामिल रहे और जम्मू-कश्मीर में एक बटालियन की कमान भी संभाली। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा से जुड़े स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में भी जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 1985 से 1997 तक SPG से जुड़ी सेवाओं के दौरान उन्होंने एशियाई खेलों, गुटनिरपेक्ष सम्मेलन और राष्ट्रमंडल सम्मेलन जैसे बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में भूमिका निभाई। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2007 में ITBP से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने कांग्रेस की राजनीति में कदम रखा और उसी साल रामपुर से पहला विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन चुनाव और जीते।
CPS से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष तक का सफर
विधायक बनने के बाद नंद लाल को सरकार और विधानसभा में कई जिम्मेदारियां मिलीं। वर्ष 2013 से 2017 तक वह मुख्य संसदीय सचिव (CPS) रहे। वर्ष 2018 से 2022 तक वह विधानसभा की कल्याण और ग्रामीण नियोजन समितियों से जुड़े रहे। 2022 में चौथी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। बाद में उन्हें लाडा कमेटी की अध्यक्षता की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
नंद लाल के निधन के बाद रामपुर प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय लवी मेले से जुड़ी तीन और चार नवंबर की सभी गतिविधियां स्थगित कर दी हैं। उनके निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है। चार बार विधायक रहे नंद लाल का राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन रामपुर क्षेत्र से गहराई से जुड़ा रहा। बुधवार को देवठी गांव में अंतिम संस्कार के साथ उनका अंतिम विदाई कार्यक्रम होगा।


