Jind Civil Hospital: जींद के जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी सेवा एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे एक पीड़ित दंपती के साथ कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार और मारपीट किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि जब उसने दर्द से तड़प रही पत्नी और अपने लिए डॉक्टर से दवा मांगी, तो सुरक्षा गार्ड ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति युवक का गला पकड़कर खींचते और उसे थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि दो अन्य लोग बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हैं।
पारिवारिक विवाद में हुए थे घायल, 2 घंटे तक नहीं मिला इलाज
रोहतक रोड स्थित भगवान नगर के रहने वाले पीड़ित सन्नी नागराज ने बताया कि गुरुवार को उनके भाई सतीश की तेरहवीं का कार्यक्रम था। इसी दौरान किसी बात को लेकर मामा के परिवार से विवाद हो गया और मामा के बेटों ने घर में घुसकर सन्नी और उसकी पत्नी भावना पर हमला कर दिया। मारपीट में घायल पति-पत्नी शाम करीब 5 बजे इलाज के लिए सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे थे। सन्नी का आरोप है कि करीब 2 घंटे बीत जाने के बाद भी जब उन्हें कोई डॉक्टर देखने नहीं आया और दर्द असहनीय होने लगा, तो उसने डॉक्टर से दवा देने या कहीं और रेफर करने की मिन्नत की।
दवा मांगने पर उग्र हुआ गार्ड, पीएमओ ने दिए जांच के आदेश
पीड़ित सन्नी, जो पेशे से टैक्सी चालक है, उसने बताया कि बार-बार डॉक्टर के पास जाने से गुस्साए सिक्योरिटी गार्ड ने उसे पहले तो झूठे केस में फंसाने की धमकी दी और फिर अचानक थप्पड़ व मुक्कों से हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान बीच-बचाव करने आई उसकी पत्नी भावना से भी अभद्रता की गई। इस पूरे घटनाक्रम पर अस्पताल प्रशासन का रुख अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ (PMO) डॉ. रघुबीर पूनिया ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में आई है और पूरे मामले की बारीकी से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल परिसर के भीतर इस तरह की गुंडागर्दी और असंवेदनशीलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी; जांच में सच्चाई सामने आने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


