Kaithal News: “मां, मेंढक ने काट लिया…”: कैथल में कोबरा के डंसने से 4 साल के मासूम नक्श की दर्दनाक मौत

"मां, मेंढक ने काट लिया...": कैथल में कोबरा के डंसने से 4 साल के मासूम नक्श की दर्दनाक मौत
Kaithal News: कैथल जिले के गुहला चीका क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांव हेमू माजरा में दिल को झकझोर देने वाला हादसा सामने आया है। शाम के वक्त घर की चौखट पर बेफिक्र होकर खेल रहे चार साल के मासूम बच्चे को जहरीले कोबरा सांप ने डंस लिया। बदहवास हालत में रोते हुए बच्चा अपनी मां के पास पहुंचा और मासूमियत में कहा कि उसे किसी मेंढक ने काट लिया है। जब तक परिवार वाले स्थिति की गंभीरता को समझ पाते, तब तक सांप का जहर मासूम के शरीर में फैल चुका था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक बच्चे की पहचान 4 वर्षीय नक्श मछाल के रूप में हुई है। रोजाना की तरह नक्श अपने घर के आंगन और मुख्य दरवाजे के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान गली में मकान से कुछ ही दूरी पर बने एक बिल से अचानक काला कोबरा बाहर निकला और खेलते हुए बच्चे की टांग पर डंस लिया। दर्द से बिलखता नक्श तुरंत दौड़कर अपनी मां के पास पहुंचा।
मेंढक का काटना समझा, लेकिन फैल चुका था जहर
मासूम नक्श को सांप के खतरे का अंदाजा नहीं था, इसलिए उसने रोते हुए मां से कहा कि उसे किसी मेंढक ने काट लिया है। शुरुआत में मां ने भी इसे किसी छोटे-मोटे कीड़े-मकौड़े का काटना समझकर अनदेखा कर दिया। लेकिन कुछ ही मिनटों में जब बच्चा तेज दर्द से तड़पने लगा और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो परिजनों ने उसकी टांग को गौर से देखा। टांग पर सांप के दो दांतों के साफ निशान देखकर परिवार के होश उड़ गए।
आनन-फानन में परिजन बच्चे को लेकर गुहला के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत सरकारी नागरिक अस्पताल गुहला रेफर कर दिया गया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम नक्श को मृत घोषित कर दिया।
मेहनत-मजदूरी करने वाले पिता का इकलौता चिराग था नक्श
नक्श के पिता गुरचरण सिंह गांव में ही मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। उन्होंने बताया कि नक्श उनका इकलौता बेटा था और उसकी एक छोटी बहन है। हंसते-खेलते बच्चे की इस तरह अचानक मौत हो जाने से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस दर्दनाक हादसे के बाद मातम छाया हुआ है।
दूसरी तरफ, घटना की पुष्टि होते ही परिजनों और ग्रामीणों के बीच खौफ का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और काफी मशक्कत के बाद घर के पास बने बिल में छिपे कोबरा को ढूंढकर मार गिराया। ग्रामीणों का कहना है कि मानसून और बरसात के इस सीजन में अक्सर खेतों और झाड़ियों से निकलकर जहरीले जीव-जंतु रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं, जिससे पूरे गांव में डर का साया बना हुआ है।
यह भी पढ़ें- लद्दाख में चार घंटे के भीतर 2 भूकंप, पहला झटका 5.5 तीव्रता का, लेह में था केंद्र
