August 2, 2026

Karnal News: जाम्बा और तरावड़ी आंगनवाड़ी में मनाया गया ‘बेस्ट मदर डे’, जानिए किसे मिला सर्वश्रेष्ठ मां का खिताब

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Karnal News: जाम्बा और तरावड़ी आंगनवाड़ी में मनाया गया 'बेस्ट मदर डे', जानिए किसे मिला सर्वश्रेष्ठ मां का खिताब

स्वस्थ मां ही बनेगी मजबूत समाज की नींव, नीलोखेड़ी में गूंजा स्वास्थ्य का संदेश

Karnal News: (महाबीर मैहला)  महिला एवं बाल विकास विभाग ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्वास्थ्य और पोषण की अलख जगाने के लिए लगातार जमीनी प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में नीलोखेड़ी के जाम्बा और तरावड़ी आंगनवाड़ी सर्कल में ‘बेस्ट मदर डे’ का भव्य आयोजन किया गया।

विभाग की सुपरवाइजर पूनम शर्मा और अनामिका के संयुक्त नेतृत्व में सजे इस मंच पर न सिर्फ नन्हे-मुन्ने बच्चों की किलकारियां गूंजी, बल्कि उन माताओं के चेहरे भी खिले नजर आए, जो दिन-रात अपने बच्चों की सेहत को संवारने में जुटी रहती हैं। कार्यक्रम में दोनों सर्कलों की दर्जनों धात्री (स्तनपान कराने वाली) और गर्भवती महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

जागरूक मां ही बनेगी स्वस्थ समाज का आधार: सुपरवाइजर पूनम शर्मा

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए सुपरवाइजर पूनम शर्मा ने मातृत्व के दायित्वों और स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर खुलकर बात की।

उन्होंने कहा, “एक स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक मां ही सिर्फ अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश और स्वस्थ समाज का आधार होती है।” उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नवजात शिशु के लिए शुरुआती छह महीने का स्तनपान कितना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने माताओं को बच्चों के समय पर टीकाकरण (वैक्सीनेशन), मौसमी बीमारियों से बचाव और साफ-सफाई के प्रति रत्ती भर भी ढिलाई न बरतने की कसम दिलाई।

एनीमिया मुक्त बचपन और पौष्टिक खानपान पर गंभीर मंथन

सुपरवाइजर अनामिका ने महिलाओं को विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि अक्सर ग्रामीण आंचल में महिलाएं खुद के खानपान पर ध्यान नहीं देतीं, जिससे वे एनीमिया (रक्तअल्पता) का शिकार हो जाती हैं। इसका सीधा असर गर्भ में पल रहे या नवजात शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ता है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घर की रसोई में ही मौजूद हरी सब्जियों, दालों और मोटे अनाजों के जरिए संतुलित और पौष्टिक थाली तैयार करने के लाइव टिप्स दिए गए ताकि कुपोषण के कलंक को मिटाया जा सके।

खेल-खेल में सीखीं सेहत की बातें, विजेताओं को मिले पुरस्कार

इस आयोजन को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर बेहद दिलचस्प बनाया गया था। माताओं के बीच बच्चों की सेहत संभाल, साफ-सफाई और पोषण से जुड़े सवालों पर आधारित कई मनोरंजक प्रतियोगिताएं और सीधे संवाद सत्र (क्वेश्चन-आंसर राउंड) आयोजित किए गए।

इन प्रतियोगिताओं में जिन माताओं का सामान्य ज्ञान और बच्चों की परवरिश का तरीका सबसे उत्तम पाया गया, उन्हें विभाग की ओर से ‘बेस्ट मदर’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अंत में, जाम्बा और तरावड़ी सर्कल की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जो तपती धूप और विपरीत हालातों में भी सरकार की योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रही हैं।

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