Karnal News: एकता दिवस कार्यक्रम में सुरजेवाला ने उठाई युवाओं और किसानों की आवाज, सरकार पर दागे तीखे सवाल

एकता दिवस कार्यक्रम में सुरजेवाला ने उठाई युवाओं और किसानों की आवाज
Karnal News: करनाल। हरियाणा की राजनीति में बयानों के तीर एक बार फिर तेज हो गए हैं। रविवार को करनाल जिले के गगसीना गांव में आयोजित ‘एकता दिवस’ कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ तीखा मोर्चा खोला। सुरजेवाला ने हांसी में 15 अगस्त को प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस कार्रवाई, युवाओं के रोजगार आंदोलन, दलित विषयों और हरियाणवी संस्कृति के अपमान का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सीधे हमले बोले।
‘हेलीकॉप्टर से उतरकर धरातल पर देखें हालात’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि सरकार को अपना सत्ता का अहंकार छोड़कर ज़मीन पर उतरना होगा। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, “यदि मुख्यमंत्री जी को हेलीकॉप्टर की सवारी से उतरने और चुटकुले सुनाने से फुर्सत नहीं मिली, तो हरियाणा की समझदार जनता वो दिन दूर नहीं रहने देगी जब आपको अर्श से उठाकर फर्श पर ले आएगी।”
हांसी में किसानों पर लाठीचार्ज पर सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
सुरजेवाला ने 15 अगस्त को हांसी में हुए विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वहां स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के लिए पहुंचे थे। ऐसे संवेदनशील मौके पर उन्हें जीवन कुंडू हत्याकांड के पीड़ित परिवार और प्रदर्शन कर रहे किसानों से खुद मिलकर बातचीत करनी चाहिए थी।
सुरजेवाला ने कहा, “जिस परिवार का बेगुनाह सदस्य मारा गया हो, उसका आक्रोश और गुस्सा स्वाभाविक है। एक मुख्यमंत्री का काम अभिभावक की तरह पीड़ित के आंसू पोंछना होता है, न कि अपने ही लोगों पर पुलिस से लाठियां चलवाना।”
युवाओं पर बल प्रयोग और संस्कृति के अपमान का आरोप
देश में युवाओं के रोजगार आंदोलनों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि आज का युवा परेशान, हताश और विचलित है। अपने हक और रोजगार की मांग करने वाले शिक्षित युवाओं पर पुलिस से आंसू गैस के गोले और लाठियां चलवाई जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर अपनी योग्यता के बल पर न्याय और अवसर मांगना अपराध है, तो फिर युवाओं का कसूर क्या है?
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा कुर्ता-पायजामा और पगड़ी पर की गई टिप्पणियों को हरियाणवी संस्कृति का सीधा अपमान बताया। सुरजेवाला ने कहा, “कुर्ता-पायजामा, पगड़ी और खंडा हमारी सदियों पुरानी संस्कृति और बुजुर्गों की आन-बान-शान का हिस्सा हैं। हरियाणवी स्वाभिमान पर चोट को प्रदेश की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।”
राव इंद्रजीत विवाद और हल्द्वानी घटना पर घेरा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सुरजेवाला ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को एक कार्यक्रम में मंच पर जगह न मिलने के विवाद पर भी भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से परे राव इंद्रजीत सिंह एक वरिष्ठ नेता और गुरुग्राम से कई बार के सांसद हैं। जब भाजपा अपनी ही पार्टी के केंद्रीय मंत्री को मंच पर सम्मान नहीं दे सकती, तो आम हरियाणवी के लिए उनके मन और मंच में कितनी जगह होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
सुरजेवाला ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद स्थल को कथित तौर पर धोने की घटना का उल्लेख करते हुए इसे छुआछूत की संकीर्ण मानसिकता करार दिया। उन्होंने कहा कि भले ही संविधान ने छुआछूत को समाप्त कर दिया है, लेकिन कुछ लोग आज भी इस सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने दलितों, पिछड़ों और गरीबों से जाति-धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर ऐसी मानसिकता के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
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