August 2, 2026

Pushkar Singh Dhami: “स्वस्थ मिट्टी ही विकसित उत्तराखंड की नींव”, रुद्रपुर में सीएम धामी ने जैविक खेती पर दिया जोर

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Pushkar Singh Dhami : "स्वस्थ मिट्टी ही विकसित उत्तराखंड की नींव", रुद्रपुर में सीएम धामी ने जैविक खेती पर दिया जोर

सेब और कीवी उत्पादन के लिए केंद्र ने खोला खजाना

Pushkar Singh Dhami: रुद्रपुर का गांधी मैदान शुक्रवार को उत्तराखंड के नीतिगत बदलावों और कृषि सुधारों का गवाह बना। ‘खेत बचाओ अभियान’ के मंच से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेहद संजीदा अंदाज में धरती और जीवन के अंतर्संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा।

” खुद को किसानों का ‘प्रथम सेवक’ बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत चावल उत्पादन में दुनिया के शीर्ष पायदान पर है, लेकिन असली चुनौती बदलता मौसम और मिट्टी की घटती सेहत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड जल्द ही देश के बड़े हॉर्टिकल्चर हब (बागवानी केंद्र) के रूप में उभरेगा और केंद्र सरकार इसके लिए खजाना खोलने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

बागवानी और नर्सरी कारोबारियों के लिए करोड़ों के पैकेज का ऐलान

उत्तराखंड को सेब, अखरोट और बादाम जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का गढ़ बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किया जाएगा, जहां किसानों को वायरस-मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे मिल सकेंगे।

इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर पौध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी नर्सरी लगाने वालों को 4 करोड़ रुपये और छोटी नर्सरी के लिए 2 करोड़ रुपये तक की सरकारी मदद दी जाएगी।उत्तराखंड की पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए दो अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:

अल्मोड़ा को सौगात: चौबटिया में 15 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण होगा।

कीवी उत्पादन: कीवी की खेती को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए न्यूजीलैंड के तकनीकी सहयोग से 15 करोड़ रुपये का स्पेशल प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।

जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए मिले 65 करोड़

मौसम के लिए बनेंगे वेदर स्टेशनपहाड़ी और तराई के इलाकों में जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुंचाए जाने वाले नुकसान पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय नेतृत्व का ध्यान खींचा था। इस पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने खेतों की फेंसिंग (घेरबाड़) के लिए 65 करोड़ रुपये की राशि तत्काल उपलब्ध कराने की घोषणा की।

इसके साथ ही, पहाड़ी भूगोल में मौसम के मिजाज को भांपने के लिए 104 करोड़ रुपये की लागत से ‘ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन’ स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इस तकनीक के आने से न सिर्फ किसानों को समय पर बारिश, ओलावृष्टि या सूखे का सटीक अलर्ट मिलेगा, बल्कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावों के निपटारे में भी पारदर्शिता आएगी।

“यह सिर्फ सरकारी योजना नहीं, सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है”— सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अभियान की महत्ता को समझाते हुए कहा कि स्वस्थ मिट्टी और समृद्ध किसान ही ‘विकसित उत्तराखंड’ की असली बुनियाद हैं। उन्होंने कहा:

“खेत बचाओ अभियान कोई फाइलों में सिमटा सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के खाद्यान्न और अस्तित्व को सुरक्षित रखने का एक सामाजिक जनआंदोलन है। रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल ने मिट्टी के स्वास्थ्य को बिगाड़ा है। अगर मिट्टी बीमार होगी, तो इंसानी सेहत कभी दुरुस्त नहीं रह सकती।”

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) के आधार पर ही वैज्ञानिकों की सलाह से खाद का इस्तेमाल करें और ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक व जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाएं।

प्रशासनिक एवं राजनीतिक उपस्थिति

इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान मंच पर इलाके के राजनीतिक दिग्गजों और प्रशासनिक अमले की भारी मौजूदगी रही। कार्यक्रम में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के सांसद अजय भट्ट, स्थानीय विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत समेत जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य और मेयर विकास शर्मा मौजूद रहे।

वहीं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालने के लिए सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति और मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित तमाम विभागों के आला अधिकारी और हजारों की संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।

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