August 2, 2026

CRED के फाउंडर कुनाल शाह बने व्हाट्सऐप के नए ग्लोबल हेड, मेटा ने किया अरबों का निवेश

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CRED के फाउंडर कुनाल शाह बने व्हाट्सऐप के नए ग्लोबल हेड, मेटा ने किया अरबों का निवेश

व्हाट्सऐप को मिला पहला भारतीय चीफ एग्जीक्यूटिव, बेंगलुरु से सीधे अमेरिका शिफ्ट होंगे शाह

बेंगलुरु, 23 जून, 2026 (Kunal Shah whatsapp head)। भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित चेहरे और क्रेड (CRED) के फाउंडर कुनाल शाह अब दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप की कमान संभालेंगे। मेटा की ग्लोबल लीडरशिप टीम ने शाह को व्हाट्सऐप का ग्लोबल हेड नियुक्त करके हर किसी को चौंका दिया है। इस रणनीतिक फैसले के साथ ही कुनाल शाह इस वैश्विक मंच की अगुवाई करने वाले पहले भारतीय चीफ एग्जीक्यूटिव बन गए हैं। वे सीधे बेंगलुरु से बोरिया-बिस्तर समेटकर कैलिफ़ोर्निया के मेनलो पार्क स्थित मेटा के मुख्य मुख्यालय में शिफ्ट होने जा रहे हैं। इतिहास रच दिया कुनाल ने।

मेटा प्लेटफॉर्म्स ने इस नियुक्ति के साथ ही क्रेड में 900 मिलियन डॉलर (लगभग 7,500 करोड़ रुपये से अधिक) का बंपर निवेश ठोक दिया है। इस भारी-भरकम डील के बाद मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा को क्रेड के भीतर 20 प्रतिशत की माइनॉरिटी हिस्सेदारी मिल जाएगी। इस निवेश के साथ ही क्रेड की कुल मार्केट वैल्यूएशन अब पोस्ट-मनी आधार पर छलांग लगाते हुए सीधे 4.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 43,239 करोड़ रुपए के आंकड़े को छू गई है।

कुनाल शाह अब व्हाट्सऐप में विल कैथकार्ट की जगह लेने जा रहे हैं, जो साल 2019 से इस चैट प्लेटफॉर्म को लीड कर रहे थे। कैथकार्ट को मेटा के अंदर ही एक बिल्कुल नए डिवीजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसका मुख्य काम बिल्कुल नए सिरे से अगली पीढ़ी के एआई प्रोडक्ट्स को तैयार करना होगा। शाह के क्रेड में ऑपरेटिंग जिम्मेदारियों से हटने के तुरंत बाद मिटेन संपत को क्रेड का अंतरिम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त कर दिया गया है। संपत साल 2020 से ही क्रेड में स्ट्रैटेजी और फाइनेंस का पूरा जिम्मा संभाल रहे थे। संभाल ली कमान संपत ने।

व्हाट्सऐप के सफर को लेकर कुनाल शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज के व्हाट्सऐप और इसकी असली वैश्विक क्षमता के बीच अभी भी एक बहुत बड़ा अंतर दिखाई देता है, जिसे भरना मेरी प्राथमिकता होगी। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग, क्रिस कॉक्स और मेटा की पूरी लीडरशिप के साथ काम करने को लेकर भारी उत्साह जताया है। शाह भले ही क्रेड के रोजमर्रा के कामकाज से अलग हो रहे हैं, लेकिन वह कंपनी में बड़े शेयरहोल्डर के तौर पर लगातार बने रहेंगे।

फिलॉसफी से शुरू हुआ था सफर

अहमदाबाद की मिट्टी में जन्मे और मुंबई के माहौल में पले-बढ़े 42 वर्षीय कुनाल शाह की जिंदगी बेहद दिलचस्प रही है। उन्होंने मुंबई के विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी (दर्शनशास्त्र) की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने बाकायदा एक एमबीए (MBA) प्रोग्राम में एडमिशन भी लिया, लेकिन बिजनेस की थ्योरी पढ़ने के बजाय जमीनी धंधा शुरू करने के लिए उन्होंने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। साल 2010 में उन्होंने संदीप टंडन के साथ मिलकर ‘फ्रीचार्ज’ (FreeCharge) की शुरुआत की, जिसने मोबाइल रिचार्ज और यूटिलिटी बिल पेमेंट के बाजार में धमाका कर दिया था। साल 2015 में ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनी स्नैपडील ने फ्रीचार्ज को लगभग 400 मिलियन डॉलर की मेगा डील में खरीद लिया था। बिक गई फ्रीचार्ज।

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फ्रीचार्ज से तगड़ी एग्जिट लेने के बाद शाह ने बरसों तक एंजेल इन्वेस्टर के रूप में काम किया और दर्जनों टेक स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाया। साल 2018 में उन्होंने क्रेड (CRED) की नींव रखकर दोबारा मुख्यधारा की एंटरप्रेन्योरशिप में कदम रखा। शुरुआत में क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाने वाले रईस उपभोक्ताओं को रिवॉर्ड देने वाले इस प्लेटफॉर्म ने देखते ही देखते देश के करोड़ों यूजर्स को अपने पाले में कर लिया। साल 2019 से 2025 के बीच क्रेड के सदस्यों की संख्या 1.7 करोड़ पार कर गई। क्रेड ने पेमेंट, लेंडिंग, इंश्योरेंस, ई-कॉमर्स और वेल्थ मैनेजमेंट में पैर पसारे और साल 2026 की शुरुआत में ही कंपनी ने अपना पहला मुनाफा कमाने वाला क्वार्टर दर्ज किया था।

मेटा ने क्यों लगाया दांव

मेटा के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर क्रिस कॉक्स ने कर्मचारियों को भेजे एक अंदरूनी संदेश में साफ किया कि जब विल कैथकार्ट ने पद छोड़ने की इच्छा जताई, तो कंपनी को एक ऐसे विजनरी लीडर की तलाश थी जिसे ग्लोबल प्रोडक्ट की सहज समझ हो और जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में दुनिया के सबसे बड़े कम्युनिकेशन नेटवर्क को संभाल सके। कॉक्स के मुताबिक, इस कसौटी पर कुनाल शाह से बेहतर कोई दूसरा नाम नहीं था।

इस बड़ी नियुक्ति के साथ ही दुनिया की महाबली टेक कंपनियों के शीर्ष पर भारतीय मूल के दिग्गजों का दबदबा और मजबूत हो गया है। इसी साल 2026 की शुरुआत में आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का सीईओ बनाया गया था, जबकि पिछले साल राहुल पाटिल एआई क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक में सीटीओ बने थे। यूट्यूब के बॉस नील मोहन, कॉग्निजेंट के रवि कुमार एस, माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला, अल्फाबेट और गूगल के सुंदर पिचाई, एडोब के शांतनु नारायण और आईबीएम के अरविंद कृष्णा जैसे नाम पहले से ही ग्लोबल टेक इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं।

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