Kurukshetra Weather update: कुरुक्षेत्र में अचानक हुई मूसलाधार बारिश, ज्योतिसर में धान की कटाई ठप, किसानों की बढ़ी चिंता
कुरुक्षेत्र में अचानक हुई मूसलाधार बारिश, ज्योतिसर में धान की कटाई ठप, किसानों की बढ़ी चिंता
Kurukshetra Weather update: ज्योतिसर, पवन शर्मा। कुरुक्षेत्र जिले के ऐतिहासिक स्थल ज्योतिसर और इसके आसपास के कृषि क्षेत्रों में सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर के वक्त करीब 20 मिनट तक हुई मूसलाधार बारिश ने धान की कटाई में जुटे किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। पकी हुई फसल के बीच हुई इस झमाझम बारिश से खेतों में कंबाइन मशीनें और मजदूर जहां के तहां ठिठक गए। पहले से ही बीमारियों और मंडी में सरकारी खरीद शुरू न होने की मार झेल रहे अन्नदाता के लिए यह बारिश दोहरी आफत बनकर बरसी है।
मंडियों के चक्कर और बीमारी से परेशान थे किसान, अब मौसम की मार
क्षेत्र के किसानों की मानें तो इस बार धान की फसल पर शुरुआत से ही संकट के बादल मंडरा रहे थे। पहले फसल में कई तरह की बीमारियों के प्रकोप से उत्पादन घटने की आशंका बनी हुई थी, तो वहीं दूसरी तरफ मंडियों में अब तक सुचारू रूप से सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू न होने के कारण किसान असमंजस में थे। कटाई के इस पीक सीजन में अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भरने के कारण कंबाइन कटर मशीनों का खेतों में उतरना अब नामुमकिन सा हो गया है।
दाने झड़ने और नमी बढ़ने का सता रहा डर
कृषि जानकारों का कहना है कि इस समय धान की बालियां पूरी तरह पककर भारी हो चुकी हैं। ऐसे में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से फसल के बिछने (गिरने) और बालियों से दाने झड़ने का बड़ा जोखिम रहता है। इसके अलावा, जिन किसानों ने फसल काटकर खेतों में सुखाने के लिए छोड़ी हुई थी, वह पानी में डूब गई है। कटी हुई फसल में नमी की मात्रा बढ़ने से दानों का रंग काला पड़ने और फफूंद (फंगस) लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे मंडी में फसल का सही भाव मिलना मुश्किल हो जाएगा।
बारिश के बाद बढ़ेगी नमी, सतर्क रहने की सलाह
बारिश के बाद भले ही तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई हो और मौसम में हल्की ठंडक घुल गई हो, लेकिन वातावरण में बढ़ी यह नमी फसलों के लिए घातक साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश थमते ही सबसे पहले खेतों में जमा पानी की निकासी का पुख्ता प्रबंध करें। इसके अलावा धूप निकलते ही कटी हुई फसल को फैलाकर अच्छी तरह सुखाएं, ताकि नमी के कारण गुणवत्ता पर असर न पड़े। फिलहाल ज्योतिसर के किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं कि कुदरत आगे क्या रंग दिखाती है।
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