Ladwa News: लाडवा में ब्रह्माकुमारीज का मीडिया स्नेह मिलन, उर्मिला दीदी बोलीं- सकारात्मक पत्रकारिता से ही बनेगा समृद्ध समाज
तनावमुक्त जीवन और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने दिया राजयोग का संदेश
Ladwa News लाडवा (कैलाश गोयल)। कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा क्षेत्र में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के सौजन्य से ‘सकारात्मक मीडिया सशक्त समाज की आधारशिला’ विषय पर एक गरिमामय ‘मीडिया स्नेह मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और ईश्वरीय स्मृति के साथ हुई, जिसके जरिए समाज में ज्ञान, सत्य और सकारात्मक चेतना के प्रकाश को फैलाने का संदेश दिया गया।
समाचार केवल सूचना नहीं, बदलाव का माध्यम बनें
माउंट आबू से पधारीं मुख्य वक्ता और ‘ज्ञानामृत’ मासिक पत्रिका की संपादिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बढ़ गई है। पत्रकारिता महज रोजाना की घटनाओं का लेखा-जोखा भर नहीं है, बल्कि यह जनमानस की सोच, मूल्यों और सामाजिक चेतना को आकार देने का सबसे बड़ा साधन है।
उर्मिला दीदी ने आगे कहा कि खबरें केवल सनसनी, भय या तनाव फैलाने वाली ही न हों, बल्कि उनमें उम्मीद, प्रेरणा, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक परिवर्तन की कहानियों को भी बराबर का स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब मीडिया के काम में अध्यात्म और नैतिक मूल्यों का समावेश होता है, तो समाचार सिर्फ सूचना देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का काम करते हैं।
पर्यावरण, नशामुक्ति और युवा जागृति को मिले स्थान
अपने संबोधन में ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे अपने लेखन और प्रसारण में सेवा भाव, आपसी सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति अभियान, महिला सशक्तिकरण और युवाओं में नैतिक मूल्यों की स्थापना जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्राथमिकता दें। अगर मीडिया सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम करे तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया और बेहतर आदर्श पेश कर सकता है।
राजयोग से ही संभव है तनावमुक्त और संतुलित पत्रकारिता
पत्रकारों की व्यस्त और तनावभरी दिनचर्या पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि निष्पक्ष और सकारात्मक पत्रकारिता की शुरुआत खुद के शांत और संतुलित मन से होती है। जब व्यक्ति अंदर से स्थिर और सकारात्मक होता है, तभी उसकी लेखनी समाज को सही दिशा दिखा सकती है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन को तनाव मुक्त जीवन जीने का सबसे सरल तरीका बताया और सभी मीडियाकर्मियों को रोज कुछ समय आत्मचिंतन व ध्यान लगाने की सलाह दी।
यह भी पढ़ें– कैथल में शादी के 3 महीने बाद प्रेग्नेंट युवती की संदिग्ध मौत, हाथ-पैर बांधकर हत्या का आरोप
