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Mahendragarh : हाशिए के समाज की आवाज़ को केंद्र में लाना साहित्य और समाज की नैतिक जिम्मेदारी – प्रो. सुरेश चंद्र

Mahendragarh : हाशिए के समाज की आवाज़ को केंद्र में लाना साहित्य और समाज की नैतिक जिम्मेदारी - प्रो. सुरेश चंद्र

विशेषज्ञ व्याख्यान को संबोधित करते प्रो. सुरेश चंद्र ।

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Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के हिंदी विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के मुख्य संरक्षक कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार एवं संरक्षक सम-कुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा तथा विश्वविद्यालय के सह-संरक्षक कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार के संरक्षण में बुधवार को ‘समकालीन समय और विमर्शों का महत्व‘ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

 

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इस शैक्षणिक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर सुरेश चंद्र मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कमलेश कुमारी ने की, जबकि मंच संचालन गुरदीप भोसले द्वारा किया गया।

 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर सुरेश चंद्र ने अपने सारगर्भित संबोधन में समकालीन समाज, साहित्य और विमर्शों के अंतर्संबंधों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में हाशिए के समाज की आवाज़ को केंद्र में लाना साहित्य और समाज दोनों की नैतिक जिम्मेदारी है।

 

 

अपने वक्तव्य में उन्होंने दलित, स्त्री तथा आदिवासी विमर्शों की प्रासंगिकता और आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ये विमर्श केवल वैचारिक बहस का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये समतामूलक और समावेशी समाज के निर्माण के आधार स्तंभ हैं। जब तक समाज के इन वर्गों के अनुभवों और अधिकारों को मुख्यधारा में उचित स्थान नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक मूल्य अधूरे रहेंगे।

 

 

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कमलेश कुमारी ने अध्यक्षीय एवं समापन भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य वक्ता के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि समकालीन दौर में चल रहे विविध विमर्श समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

 

 

इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों और शोधार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन और मानवीय संवेदनाओं को विकसित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने मुख्य वक्ता, आयोजकों तथा उपस्थित सभी संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

 

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