Manochahal Chowki में Suspended ASI वर्दी पहने दिखा, डीएसपी ने दिया जांच का भरोसा

एएसआई कमलजीत सिंह (बिना पगड़ी वाले) और डीएसपी जसपाल सिंह (पगड़ी वाले)।
Manochahal Chowki | Suspended ASI | पंजाब के तरनतारन जिले में पुलिस विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ताजा मामला मानोचाहल पुलिस चौकी का है, जहां विभागीय कार्रवाई के तहत निलंबित किए जा चुके एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) के धड़ल्ले से वर्दी पहनकर बैठने और आधिकारिक फाइलों को देखने की बात सामने आई है।
इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की आंतरिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला एसएसपी सुरेंद्र लांबा द्वारा कुछ समय पहले ही एएसआई कमलजीत सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच किया गया था। इसके बावजूद उसका इस तरह चौकी में सक्रिय रहना चर्चा का विषय बन गया है।
पत्रकारों की पड़ताल में सामने आई सच्चाई
जब इस बात की भनक मीडियाकर्मियों को लगी, तो उन्होंने मानोचाहल पुलिस चौकी पहुंचकर मौके का जायजा लिया। वहां का नजारा हैरान करने वाला था, क्योंकि निलंबित एएसआई कमलजीत सिंह पूरी पुलिस यूनिफॉर्म में एक कुर्सी पर इत्मीनान से बैठा हुआ था और उसके सामने सरकारी दस्तावेज व फाइलें खुली हुई थीं।
जब पत्रकारों ने उससे चौकी के भीतर उसकी मौजूदगी और ड्यूटी पर होने को लेकर सवाल किया, तो उसने दलील दी कि वह केवल अपनी कुछ व्यक्तिगत फाइलें लेने के लिए वहां आया है। हालांकि, जब उससे यह पूछा गया कि निलंबन के बाद भी वह वर्दी में क्यों है और सरकारी फाइलों के बीच क्यों बैठा है, तो उसके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।
सीसीटीवी कैमरे पर कपड़ा डालने का रहस्य
इस पूरे प्रकरण में एक और संदिग्ध पहलू सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस कमरे में एएसआई बैठकर फाइलें खंगाल रहा था, वहां लगे सीसीटीवी कैमरे पर कथित तौर पर कपड़ा डाला गया था। हालांकि, कैमरे को ढंके जाने के पीछे क्या मंशा थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन इस बात ने मामले की गंभीरता को और अधिक बढ़ा दिया है।
नियमों के मुताबिक, कोई भी निलंबित पुलिसकर्मी न तो वर्दी पहन सकता है और न ही किसी पुलिस थाने या चौकी के अंदर आधिकारिक दस्तावेजों के पास बैठ सकता है। ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि क्या स्थानीय स्तर पर किसी बड़े अधिकारी की शह पर यह चल रहा था।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामला तूल पकड़ने के बाद तरनतारन के डीएसपी जसपाल सिंह ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने स्वीकार किया कि एएसआई कमलजीत सिंह को विभाग की तरफ से निलंबित किया जा चुका है।
डीएसपी ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी कि आखिर निलंबित कर्मचारी किस अधिकार के तहत चौकी के अंदर मौजूद था और फाइलों को देख रहा था। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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