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Water Tree: मूसलाधार बारिश होते ही फव्वारा बन जाता है यह 150 साल पुराना पेड़, देखिए मॉन्टेनेग्रो का अजूबा

AAmandeep Singh
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Water Tree: मूसलाधार बारिश होते ही फव्वारा बन जाता है यह 150 साल पुराना पेड़, देखिए मॉन्टेनेग्रो का अजूबा

मूसलाधार बारिश होते ही फव्वारा बन जाता है यह 150 साल पुराना पेड़, देखिए मॉन्टेनेग्रो का अजूबा

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Water Tree: प्रकृति अपने आंचल में ऐसे कई रहस्य समेटे हुए है, जिन्हें देखकर इंसान ही नहीं बल्कि आधुनिक विज्ञान भी हैरान रह जाता है। ऐसा ही एक अविश्वसनीय और जादुई नजारा एड्रियाटिक सागर के तट पर बसे छोटे से देश मॉन्टेनेग्रो के दिनोशा (Dinosa) गांव में देखने को मिल रहा है। यहां एक हरे-भरे मैदान में खड़ा शहतूत का विशालकाय पेड़ मूसलाधार बारिश होते ही किसी वाटर फॉल या खुले हुए नल की तरह पानी उगलने लगता है। तने के बीचों-बीच से बहते पानी का यह वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब तहलका मचा रहा है।

जानिए क्या है पेड़ के ‘नल’ बनने के पीछे की वैज्ञानिक वजह

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देखने में भले ही यह कोई चमत्कार लगे, लेकिन इसके पीछे पूरी तरह से कुदरत का भूगर्भीय विज्ञान काम करता है। दरअसल, जब इस इलाके में तेज बारिश होती है, तो जमीन के अंदर मौजूद जलस्रोत (Underground Water Springs) पूरी तरह लबालब भर जाते हैं। पानी की ओवरफ्लो स्थिति के कारण जमीन के नीचे अत्यधिक ‘हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर’ (जलस्थैतिक दबाव) पैदा हो जाता है।

यह भारी दबाव पानी को ऊपर की तरफ धकेलता है। 150 साल पुराना यह शहतूत का पेड़ अंदर से खोखला हो चुका है, इसलिए पानी को बाहर निकलने का सबसे आसान रास्ता इसी पेड़ के तने के जरिए मिलता है और वह जमीन से कुछ फीट ऊपर बने छेद से फव्वारे की तरह बहने लगता है।

25 सालों से जारी है सिलसिला, देखने आते हैं पर्यटक

स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो शहतूत के इस पेड़ से पानी उगलने की यह अनूठी घटना पिछले 20-25 वर्षों से लगातार देखने को मिल रही है। जैसे ही इलाके में मानसून या तेज बारिश का दौर शुरू होता है, पेड़ के खोखले तने से पानी का उफान बाहर आने लगता है। पानी का प्रवाह इतना तेज होता है कि आसपास का पूरा मैदान जलमग्न हो जाता है। इस अजूबे को अपनी आंखों से देखने और कैमरे में कैद करने के लिए आसपास के इलाकों से पर्यटकों का जमावड़ा लग जाता है।

एस्टोनिया में भी है ऐसा ही ‘चुड़ैल का कुआं’

पानी के इस कुदरती खेल का गवाह अकेला मॉन्टेनेग्रो ही नहीं है। यूरोप के एस्टोनिया स्थित तुहाला गांव में भी एक ऐसा ही विश्व प्रसिद्ध कुआं है, जिसे ‘विचेस वेल’ (Witches Well) यानी चुड़ैल का कुआं कहा जाता है।

यह कुआं एक अंडरग्राउंड नदी के ठीक ऊपर बना है। जब भारी बारिश से अंडरग्राउंड नदी उफान पर होती है, तो कुएं से आधा मीटर ऊंचा पानी का फव्वारा छूटने लगता है, जिससे प्रति सेकेंड 100 लीटर पानी बाहर आता है। वहां के स्थानीय लोग इसे लेकर पुरानी लोककथाएं भी सुनाते हैं, हालांकि इसके पीछे भी मुख्य वजह भूगर्भीय दबाव ही है।

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