Narnaul : फेसबुक के जरिए जालसाजी, इंडसइंड बैंक खाते में ट्रांसफर कराए डेढ़ लाख, नारनौल पुलिस ने शुरू की जांच

प्रतीकात्मक चित्रण
Narnaul : साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर अब कारोबारियों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हरियाणा के नारनौल में फेसबुक पर सोलर स्ट्रक्चर का विज्ञापन देखकर ऑर्डर करना एक स्थानीय कारोबारी को भारी पड़ गया।
शातिर ठगों ने झांसा देकर कारोबारी से 1.5 लाख रुपये की बड़ी रकम ऑनलाइन ठग ली। इस संबंध में साइबर थाना नारनौल पुलिस ने पंचकूला साइबर क्राइम थाना से प्राप्त ई-जीरो एफआईआर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला ?
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव गहली (थाना सदर नारनौल) निवासी विकास पुत्र सतबीर एम.डी. सोलर नाम से सोलर स्ट्रक्चर का व्यवसाय करते हैं। आगामी 3 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर सोलर स्ट्रक्चर से जुड़ा एक आकर्षक विज्ञापन देखा।
विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर जब उन्होंने संपर्क किया, तो दूसरी ओर से बैठे शातिर ठगों ने बातचीत के दौरान उन्हें अपने जाल में उलझा लिया।
व्यवसाय से जुड़ी जरूरत को देखते हुए विकास ने आवश्यक सामान का ऑर्डर दे दिया। इसके बाद ठगों ने विश्वास जीतने के लिए उन्हें 1,76,850 रुपये का एक टैक्स इनवॉइस (बिल) व्हाट्सएप पर भेजा। बिल भेजने के साथ ही आरोपियों ने सामान की डिलीवरी से पहले 1,50,000 रुपये अग्रिम (एडवांस) राशि जमा कराने की मांग की।
कारोबारी ने बिना किसी शक के बताए गए इंडसइंड बैंक खाते में डेढ़ लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
बिल्टी और वाहन नंबर मांगते ही कटे फोन
रकम ट्रांसफर होने के बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप पर भुगतान की रसीद तो भेज दी, लेकिन जब कारोबारी ने सामान के परिवहन से जुड़ी बिल्टी (LR copy) और वाहन का नंबर मांगा, तो आरोपी टालमटोल करने लगे।
लगातार संतोषजनक जवाब न मिलने पर विकास को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। बिना समय गंवाए उन्होंने तुरंत केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पंचकूला से नारनौल ट्रांसफर हुई ई-जीरो एफआईआर
हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पंचकूला साइबर क्राइम थाना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ई-जीरो एफआईआर संख्या 601, दिनांक 4 सितंबर 2026 दर्ज की और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मामले को संबंधित साइबर थाना नारनौल को स्थानांतरित कर दिया।
नारनौल साइबर थाने में पीड़ित कारोबारी ने लिखित आवेदन, बैंक स्टेटमेंट और अन्य आवश्यक दस्तावेज पुलिस के सुपुर्द किए। प्रथम दृष्टया मामला पूरी तरह से साइबर धोखाधड़ी का पाए जाने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस की अपील और जांच तेज
नारनौल साइबर थाना पुलिस का कहना है कि इस सनसनीखेज मामले की परतें टटोलने के लिए तकनीकी टीम को लगाया गया है। जिन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है और जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया है, उनका पूरा डेटा खंगाला जा रहा है।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही इन साइबर ठगों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया जाएगा और पीड़ित कारोबारी की डूबी हुई राशि की रिकवरी के प्रयास भी तेजी से किए जा रहे हैं।
यह भी देखें – रोहतक में दो मेडिकल स्टोरों पर बड़ा छापा, नशे के रूप में बिक रही दवाएं जब्त
