Narnaul: स्टोन क्रशर इकाइयों को 1 नवंबर तक लगाने होंगे सीसीटीवी और पीएम सेंसर
Narnaul: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रदूषण रोकने के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के कार्यालय में क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में जिले की स्टोन क्रशर इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें इकाई संचालकों को धूल प्रदूषण रोकने के नए नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (कैम) की ओर से 19 अगस्त 2026 को जारी दिशा-निर्देश संख्या 103 के प्रावधान बताए गए। इनका मकसद एनसीआर क्षेत्र में चल रही स्टोन क्रशर इकाइयों से होने वाले वायु प्रदूषण और उड़ने वाली धूल (फ्यूजिटिव डस्ट) को प्रभावी ढंग से रोकना है।
इकाइयों को बताया गया कि सीपीसीबी की एनवायरमेंटल गाइडलाइंस फॉर स्टोन क्रशिंग यूनिट्स, 2023 में तय धूल रोकने के उपाय अब उनकी सहमति संचालन (सीटीओ) की शर्तों में शामिल कर दिए गए हैं। इसके तहत सीसीटीवी या वीडियो सर्विलांस, पीएम 2.5 और पीएम 10 सेंसर, व्हील वाशिंग सुविधा और दूसरे जरूरी प्रदूषण नियंत्रण उपाय लगाना और उन्हें चालू रखना जरूरी है।
अधिकारियों ने बताया कि कार्यालय की ओर से सभी स्टोन क्रशर इकाइयों को 24 अगस्त 2026 को ही इन दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सभी व्यवस्थाएं लगाकर फोटो और जरूरी दस्तावेजों के साथ अनुपालन रिपोर्ट 1 नवंबर 2026 तक कार्यालय में जमा करानी होगी।
उन्होंने बताया कि तय समय में नियमों का पालन न करने वाली इकाइयों के खिलाफ वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और अन्य पर्यावरण संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें कारण बताओ नोटिस जारी करना, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाना, इकाई को बंद करना और बिजली-पानी की आपूर्ति काटना शामिल है।
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