September 15, 2026

Narnaul : यूजीसी एक्ट और जातिगत आरक्षण के विरोध में उतरा सवर्ण समाज, नारनौल में हुआ मंथन

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Narnaul : यूजीसी एक्ट और जातिगत आरक्षण के विरोध में उतरा स्वर्ण समाज, नारनौल में हुआ मंथन

सवर्ण समाज की बैठक अपनी बात रखते लोग ।

Narnaul : महेंद्रगढ़ जिले नारनौल शहर के राव बंशी सिंह पार्क में रविवार को सवर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता सर्वसम्मति से डॉ. मामचंद शर्मा ने की, जिसमें यूजीसी, एससी-एसटी और जातिगत आरक्षण के विभिन्न प्रावधानों का कड़ा विरोध किया गया।

 

बैठक के दौरान वक्ताओं ने इन नीतियों के कथित दुष्परिणामों पर गंभीर चिंता जताते हुए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया और आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए कई कमेटियों का गठन किया।

 

खेमचंद शर्मा ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन प्रावधानों के कारण समाज का कथित शोषण हो रहा है, जिसके खिलाफ अब मुखर होकर आवाज उठाने की जरूरत है।

 

एडवोकेट गोबिंद शर्मा ने यूजीसी से जुड़े विभिन्न विवादास्पद बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, संदीप नुनीवाला ने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों की आड़ में युवाओं के भविष्य को सुनियोजित तरीके से प्रभावित किया जा रहा है।

 

राजनीतिक दलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए डॉ. धीरज शर्मा ने कहा कि सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के स्वर्ण नेता अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहे हैं, जिसका करारा जवाब आगामी चुनावों में दिया जाएगा।

Narnaul : यूजीसी एक्ट और जातिगत आरक्षण के विरोध में उतरा सवर्ण समाज, नारनौल में हुआ मंथन
सवर्ण समाज की बैठक में उपस्थित लोग

सरोज बाला शर्मा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल सवर्ण समाज का उपयोग केवल वोट बैंक के रूप में करते हैं। मधु चौहान ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, जबकि रेणु शर्मा ने सरकार से समय रहते इन सभी प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की।

 

राजकुमार राजपूत ने दावा किया कि करणी सेना की ओर से देशभर में इसका विरोध किया जा रहा है और जल्द ही संगठन के शीर्ष नेतृत्व को नारनौल में भी विरोध प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

 

विजय भारद्वाज अटेली और एडवोकेट राजकुमार चौधरी ने सरकार से इन प्रावधानों को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए सभी से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

आंदोलन को गति देने के लिए बैठक में विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया:

  • संरक्षक मंडल: हेमंत मुनि, श्याम सुंदर, रमेश सिंघल कांटी वाले, डॉ. मामचंद, गोपाल शांडिल्य, सुभाष चंद संघी, जगमोहन गर्ग और रामानंद शर्मा अटेली सहित 11 वरिष्ठ सदस्य।

  • कोर कमेटी: संदीप नुनीवाला, खेमचंद शर्मा और मलखान सिंह राजपूत के सानिध्य में 31 सदस्यीय कमेटी।

  • लीगल एडवाइजरी कमेटी: एडवोकेट गोबिंद शर्मा और एडवोकेट हेमंत शर्मा निवाज नगर के सानिध्य में 11 सदस्यीय समिति।

  • महिला शक्ति कमेटी: सरोज बाला शर्मा, मधु चौहान और रेणु शर्मा के सानिध्य में 11 सदस्यीय समिति।

बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि आंदोलन की अगली रणनीति आगामी बैठक में तय की जाएगी। इस दौरान हनुमान बोहरा, उमाशंकर चौबे, देवेंद्र शर्मा, सुरेश कुमार, कैलाश चंद, निपेश अग्रवाल, दीपक कुमार, तुलसी गोयल, राजेश अग्रवाल, गौरव गौड़, कमल वशिष्ठ, निष्कर्ष मानव, संजीव छक्कड़, दया किशन शांडिल्य, उमेश शर्मा, सुमीत, यशपाल, प्रवीण शर्मा और नवीन पाराशर सहित काफी लोग उपस्थित रहे।

 

 

 

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