Kanwar Yatra: 30 जुलाई से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा, जानिए जलाभिषेक के सबसे शुभ मुहूर्त
30 जुलाई से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा
Kanwar Yatra: सनातन परंपरा में भगवान शिव की आराधना के सबसे पावन महीने यानी सावन की आहट के साथ ही करोड़ों शिवभक्तों की राहें बाबा भोलेनाथ के पावन धामों की ओर मुड़ने लगती हैं। हाथों में कांवड़, जुबां पर ‘बम-बम भोले’ का उद्घोष और मन में अगाध श्रद्धा समेटे कांवड़ियों का कारवां जल्द ही सड़कों पर नजर आने वाला है।
पंचांग के अनुसार, इस साल श्रावण कृष्ण प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ 29 जुलाई की रात से हो रहा है, लेकिन उदयातिथि की मान्यता के तहत कांवड़ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 30 जुलाई, गुरुवार से होगा।
दिल्ली-एनसीआर से लेकर देवघर तक: अलग-अलग क्षेत्रों में यात्रा की समयसीमा
देश भर में कांवड़ यात्रा की परंपरा और उसकी अवधि क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होती है। दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के श्रद्धालु मुख्य रूप से हरिद्वार, गोमुख और नीलकंठ से गंगाजल लाकर सावन शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करते हैं।
इस लिहाज से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। वहीं दूसरी ओर, प्रसिद्ध तीर्थ स्थल देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम) में कांवड़ यात्रा पूरे सावन माह चलती है। देवघर में श्रद्धालु 30 जुलाई से लेकर 28 अगस्त (सावन पूर्णिमा) तक सुल्तानगंज से गंगाजल उठाकर बाबा को अर्पित करेंगे।
सावन 2026: सोम प्रदोष और नाग पंचमी के बन रहे दुर्लभ संयोग
वैसे तो सावन का हर एक पल भगवान शंकर की उपासना के लिए अत्यंत मंगलकारी माना गया है, लेकिन जो कांवड़िया गंगाजल लेकर शिवधाम पहुंचते हैं, वे विशेष तिथियों पर जलाभिषेक को उत्तम मानते हैं। ज्योतिषशास्त्रियों के मुताबिक, इस साल सावन में कई बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं।
10 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार है और इसी दिन ‘सोम प्रदोष व्रत’ का भी पावन मेल हो रहा है। इसके ठीक अगले दिन 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि है, जो जलाभिषेक के लिए महापुण्यकारी तिथि मानी गई है। इसके अलावा 17 अगस्त को तीसरे सावन सोमवार के दिन नाग पंचमी का विशेष पर्व पड़ रहा है, जो कालसर्प दोष और शिव कृपा पाने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
सावन 2026: जलाभिषेक व सोमवार का पूरा कैलेंडर
अगर आप भी इस सावन कांवड़ उठाने या जलाभिषेक की योजना बना रहे हैं, तो इन प्रमुख तिथियों को अपनी डायरी में जरूर नोट कर लें:
30 जुलाई (गुरुवार): श्रावण मास का प्रारंभ व कांवड़ यात्रा की शुरुआत
03 अगस्त (सोमवार): पहला सावन सोमवार
10 अगस्त (सोमवार): दूसरा सावन सोमवार व सोम प्रदोष व्रत (अत्यंत शुभ संयोग)
11 अगस्त (मंगलवार): सावन शिवरात्रि (कांवड़ जलाभिषेक की मुख्य तिथि)
17 अगस्त (सोमवार): तीसरा सावन सोमवार व नाग पंचमी
24 अगस्त (सोमवार): चौथा सावन सोमवार
25 अगस्त (मंगलवार): भौम प्रदोष व्रत
28 अगस्त (शुक्रवार): श्रावण पूर्णिमा (सावन मास व देवघर कांवड़ यात्रा का समापन)
