July 23, 2026

Nilokheri News: 818वें बादली बलिदान दिवस को लेकर नीलोखेड़ी में जनसंपर्क तेज, 2 अगस्त को छिछड़ाना मंडी में जुटेगा समाज

0
Nilokheri News: 818वें बादली बलिदान दिवस को लेकर नीलोखेड़ी में जनसंपर्क तेज, 2 अगस्त को छिछड़ाना मंडी में जुटेगा समाज

818वें बादली बलिदान दिवस को लेकर नीलोखेड़ी में जनसंपर्क तेज

Nilokheri News: अहर कुराना-छिछड़ाना की ऐतिहासिक धरा पर आगामी 2 अगस्त को आयोजित होने वाले 818वें बादली बलिदान दिवस समारोह को यादगार और भव्य बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र जनसंपर्क टीम ने नीलोखेड़ी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में तूफानी दौरा कर जनसंपर्क अभियान को और गति दे दी है।

टीम के सदस्यों ने गांव डाबरथला, सिद्धपुर, ब्राह्मण माजरा और नीलोखेड़ी समेत कई प्रमुख गांवों का दौरा किया। इस दौरान गांव-गांव जाकर मौजूदा व पूर्व सरपंचों, चेयरमैनों और समाज के प्रबुद्ध लोगों से मुलाकात की गई और उन्हें समारोह में पहुंचने का न्योता दिया गया। जनसंपर्क टीम में चौधरी रामपाल पलवल, चौधरी गुरुचरण जागलान (साम्भली, कुरुक्षेत्र), चौधरी धर्मवीर खेड़ी रामनगर, फौजी कृष्ण मैहला, चौधरी कृष्ण सरपंच (गीतापुर) और सौरव मथाना मुख्य रूप से मौजूद रहे।

“पूर्वजों के स्वाभिमान की गाथा है बादली बलिदान दिवस”

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए चौधरी रामपाल पलवल ने कहा कि बादली बलिदान दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह हमारे वीर पूर्वजों के अदम्य साहस, अनूठे बलिदान और स्वाभिमान की वह अमर गाथा है जो सदियों से हमारी पहचान रही है। उन्होंने कहा कि हर परिवार को अपने बच्चों और युवाओं के साथ इस समारोह में शामिल होना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी मिल सके।

वहीं, चौधरी गुरुचरण जागलान (साम्भली) ने सामाजिक एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि समाज की वास्तविक ताकत उसकी एकता में ही निहित होती है। जब पूरा समाज एक मंच पर इकट्ठा होता है, तो हमारी सामाजिक साख और पहचान मजबूत होती है। यह बलिदान दिवस समाज को एक सूत्र में पिरोने का बड़ा जरिया है, इसलिए हर गांव से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

युवाओं से विशेष भागीदारी की अपील, ग्रामीणों ने दिया पूरा समर्थन

अपने विचार रखते हुए चौधरी धर्मवीर खेड़ी रामनगर और फौजी कृष्ण मैहला ने कहा कि जिन पूर्वजों ने समाज के सम्मान की खातिर अपने प्राण न्योछावर कर दिए, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है जब हम उनके दिखाए रास्ते पर चलें। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से इस आयोजन की कमान संभालने और अपनी जड़ों से जुड़ने का आह्वान किया।

जनसंपर्क अभियान के दौरान विभिन्न गांवों में पहुंचे प्रतिनिधियों का ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। डाबरथला, सिद्धपुर और नीलोखेड़ी के गणमान्य नागरिकों व ग्राम प्रमुखों ने भरोसा दिलाया कि 2 अगस्त को छिछड़ाना मंडी में आयोजित होने वाले इस 818वें बादली बलिदान दिवस समारोह में वे अपने-अपने गांवों से भारी काफिले के साथ पहुंचेंगे और समाज के इस गौरवमयी इतिहास को नमन करेंगे।

यह भी पढ़ें– ‘पेपर लीक पर जवाब देने के बजाय तानाशाही कर रही सरकार’, राहुल के समर्थन में उतरा विपक्ष

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed